रायपुर। केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय के तहत आज रायपुर मंत्रालय में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कृषि और ग्रामीण विकास योजनाओं की संयुक्त समीक्षा की।
इस महत्वपूर्ण बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और कृषि मंत्री राम विचार नेताम भी मौजूद रहे।
इन योजनाओं पर हुई समीक्षा
बैठक में खास तौर पर निम्नलिखित योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की गई:
- मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना)
- प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण
- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
- राज्य व केंद्र सरकार की प्रमुख कृषि योजनाएं
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को मौसम और भौगोलिक परिस्थिति के अनुसार योजनाओं के क्रियान्वयन में लचीलापन बरतने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि “योजनाएं जमीन पर दिखनी चाहिए, सिर्फ कागजों पर नहीं।”
मुख्यमंत्री का फोकस: “तेजी और पारदर्शिता”
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण योजनाओं में तेजी और पारदर्शिता लाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा,
“हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है कि गांव, गरीब और किसान को योजनाओं का सीधा और समयबद्ध लाभ मिले।”
डिजिटल निगरानी और फील्ड निरीक्षण बढ़ेगा
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि योजनाओं की निगरानी के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग किया जाएगा। साथ ही फील्ड निरीक्षण और सामाजिक ऑडिट को भी मजबूत किया जाएगा।
कृषि मंत्री ने दिया उत्पादन बढ़ाने पर जोर
कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने कहा कि किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए उन्नत बीज, जैविक खेती और तकनीकी प्रशिक्षण पर जोर देना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों से सीधे संवाद की प्रक्रिया को और मजबूत करें।



















