रायपुर नगर निगम का नया कदम
रायपुर नगर निगम ने शहर के विकास कार्यों को सुचारु रूप से आगे बढ़ाने के लिए एक अहम कदम उठाया है। अब हर प्रोजेक्ट की आधिकारिक घोषणा से पहले ही रायपुर नगर निगम कैविएट हाईकोर्ट में दायर करेगा। इस निर्णय का उद्देश्य यह है कि किसी भी व्यक्ति या संस्था को प्रोजेक्ट के खिलाफ हाईकोर्ट से एकतरफा स्टे आदेश लेने का अवसर न मिले।
क्यों लिया गया यह फैसला?
पिछले समय में कई प्रोजेक्ट्स जैसे गंज मंडी, भैंसथान और नवीन मार्केट को लेकर प्रभावित लोगों और संस्थाओं ने हाईकोर्ट से स्टे आदेश प्राप्त किए। इसके कारण विकास कार्य या तो समय पर शुरू नहीं हो पाए या उनमें अनावश्यक देरी हुई। अब कैविएट दायर करने के बाद हाईकोर्ट बिना नगर निगम का पक्ष सुने कोई भी निर्णय नहीं देगा।
क्या होगा लाभ?
इस फैसले से नगर निगम को हर प्रोजेक्ट में अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा। इससे विकास कार्यों में पारदर्शिता और तेजी आएगी। रायपुर नगर निगम का मानना है कि समय से पहले उठाया गया यह कदम शहर की योजनाओं को रुकावटों से बचाएगा और जनहित में कार्य सुचारु रूप से आगे बढ़ सकेंगे।