मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नक्सल प्रभावित 2500 परिवारों को दिलाई आवास सहायता, आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास को मिली गति

रायपुर, 3 मई 2025: छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापना और आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत नक्सल हिंसा से प्रभावित 2500 परिवारों को 40-40 हजार रुपये की प्रथम किस्त जारी की। यह कार्यक्रम वर्चुअल माध्यम से राजधानी रायपुर स्थित मंत्रालय से आयोजित हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री ने राज्य के 17 जिलों के हितग्राहियों से सीधे संवाद किया।


मुख्यमंत्री ने दिया आश्वासन, “सरकार हर पुनर्वास चाहने वाले के साथ है”

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हितग्राहियों से बात करते हुए कहा:

“यह सहायता केवल आर्थिक सहयोग नहीं है, यह एक सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन की ओर पहला कदम है।”

उन्होंने लाभार्थियों को आवास निर्माण में गुणवत्ता और समयबद्धता बरतने की सलाह दी और विश्वास जताया कि यह योजना नए भरोसे और स्थायित्व की नींव रखेगी।


15,000 आवासों की मिली मंजूरी, 10 करोड़ की राशि खातों में ट्रांसफर

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार के विशेष अनुरोध पर केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 15,000 नए आवासों की स्वीकृति दी है। आज की पहल में 2500 परिवारों को पहली किस्त के रूप में कुल 10 करोड़ रुपये की राशि उनके बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर की गई।


कार्यक्रम में शामिल रहे वरिष्ठ अधिकारी

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, विभागीय सचिव भीम सिंह, और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के संचालक तारण प्रकाश सिन्हा भी उपस्थित रहे।


पुनर्वास के साथ विकास का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना केवल घर का सपना पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्पष्ट संदेश देती है कि सरकार समाज के हर वर्ग तक विकास की रोशनी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह योजना पुनर्वास, सुरक्षा और समावेशी विकास के मॉडल के रूप में देखी जा रही है।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कार्य में पारदर्शिता और तत्परता बनाए रखने के निर्देश दिए, जिससे कि यह योजना नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति और विश्वास बहाली का आधार बन सके।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *