पंचांग: तिथि पर मां गौरी और शिव का अधिकार, झगड़े और मुकदमों से रहें दूर

आज 23 नवंबर, 2025 रविवार, के दिन मार्गशीर्ष महीने की शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि है. यह तिथि शिव और उनकी पत्नी माता गौरी देवी द्वारा नियंत्रित होती है. गृह प्रवेश, गृह निर्माण और कलात्मक कार्यों के लिए शुभ तिथि मानी जाती है. विवाद और मुकदमेबाजी के लिए अशुभ है. इस तिथि के दिन झगड़े और मुकदमों से दूर रहना चाहिए.

23 नवंबर का पंचांग

  1. विक्रम संवत : 2081
  2. मास : मार्गशीर्ष
  3. पक्ष : शुक्ल पक्ष तृतीया
  4. दिन : रविवार
  5. तिथि : शुक्ल पक्ष तृतीया
  6. योग : धृति
  7. नक्षत्र : मूल
  8. करण : तैतिल
  9. चंद्र राशि : धनु
  10. सूर्य राशि : वृश्चिक
  11. सूर्योदय : सुबह 06:57 बजे
  12. सूर्यास्त : शाम 05:53 बजे
  13. चंद्रोदय : सुबह 09.31 बजे
  14. चंद्रास्त : रात 07.37 बजे
  15. राहुकाल : 16:31 से 17:53
  16. यमगंड : 12:25 से 13:47

इस नक्षत्र में शुभ कार्यों से बचें
आज के दिन चंद्रमा धनु राशि और मूल नक्षत्र में रहेंगे. यह नक्षत्र धनु राशि में 0 से लेकर 13:20 डिग्री तक फैला है. इसके देवता नैऋृति और शासक ग्रह केतु हैं. यह बिल्कुल भी शुभ नक्षत्र नहीं है. किसी भी तरह के शुभ कार्यों को इस नक्षत्र में टालना चाहिए. हालांकि, खंडहर तोड़ने का काम, अलगाव या तांत्रिक कार्य इस नक्षत्र में किए जा सकते हैं.

आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 16:31 से 17:53 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् से भी परहेज करना चाहिए.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *