आज 29 नवंबर, 2025 शनिवार, के दिन मार्गशीर्ष महीने की शुक्ल पक्ष नवमी तिथि है. माता सरस्वती इस तिथि की शासक हैं. दुश्मनों और प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ योजना बनाने के लिए ये एक अच्छा दिन है. लेकिन किसी भी शुभ समारोह और यात्राओं के लिए ये तिथि अशुभ मानी जाती है.
29 नवंबर का पंचांग
- विक्रम संवत : 2081
- मास : मार्गशीर्ष
- पक्ष : शुक्ल पक्ष नवमी
- दिन : शनिवार
- तिथि : शुक्ल पक्ष नवमी
- योग : हर्शन
- नक्षत्र : पूर्वभाद्रपदा
- करण : बलव
- चंद्र राशि : कुंभ
- सूर्य राशि : वृश्चिक
- सूर्योदय : सुबह 07:02 बजे
- सूर्यास्त : शाम 05:53 बजे
- चंद्रोदयः दोपहर 01.18 बजे
- चंद्रास्त : देर रात 01.32 बजे (30 नवंबर)
- राहुकाल : 09:44 से 11:06
- यमगंड : 13:49 से 15:10
शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं है नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा कुंभ राशि और पूर्वभाद्रपद नक्षत्र में रहेंगे. इस नक्षत्र का विस्तार कुंभ राशि में 20 डिग्री से लेकर 3:20 डिग्री मीन राशि तक है. इसके देवता रुद्र और नक्षत्र स्वामी बृहस्पति है. लड़ाई, छल और संघर्ष या शत्रुओं के विनाश की योजना बनाने, कीटनाशक छिड़कने, आगजनी, कचरा जलाने, विनाश के कार्य या क्रूरता के कार्यों के लिए ये उपयुक्त नक्षत्र है. शुभ कार्यों के लिए ये नक्षत्र अनुकूल नहीं है.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 09:44 से 11:06 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् से भी परहेज करना चाहिए.


















