Naxal Surrender: ओडिशा में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है. जहां गंजम जिले में 55 लाख रुपये के इनामी वॉन्टेड नक्सली शुक्रु आखिरकार हथियार डाल दिए. शुक्रु ने न केवल खुद सरेंडर किया, बल्कि अपने चार साथियों और एक AK‑47 राइफल के साथ कंधमाल पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया.
नक्सली शुक्रु ने AK-47 के साथ किया सरेंडर
ओडिशा में मोस्ट वांटेड इनामी नक्सली शुक्रु ने AK-47 के साथ सरेंडर कर दिया. मिली जानकारी के मुताबिक, शुक्रू पर कुछ दिनों पहले अपने ही साथी नक्सली की हत्या कर शव जमीन में गाड़ने का आरोप लगा था. समर्पण करने जा रहे नक्सली अन्वेष की शुक्रू ने हत्या कर दी थी. शुक्रु ओडिशा का अंतिम बड़ा नक्सली कमांडर है.
ADG (नक्सल विरोधी अभियान) संजीव पांडा ने पुष्टि की कि सभी पांच माओवादी अब पुलिस हिरासत में हैं. अधिकारियों ने बताया कि ये सभी एक सार्वजनिक कार्यक्रम में औपचारिक तौर पर सरेंडर की घोषणा करेंगे. शुक्रु राज्य में CPI (माओवादी) संगठन का वरिष्ठ सदस्य था और लंबे समय से पुलिस की सबसे वांछित सूची में शामिल था.
ओडिशा का मोस्ट वांटेड नक्सली शुक्रु
बता दें कि 49 वर्षीय शुक्रु मलकानगिरी ज़िले का रहने वाला था और प्रतिबंधित CPI (माओवादी) की राज्य समिति में महत्वपूर्ण पद पर था. वह करीब 13 सदस्यों के एक छोटे समूह को नेतृत्व देता था, जिनमें से अधिकतर छत्तीसगढ़ के थे. यह समूह मुख्य रूप से कंधमाल के जंगलों में सक्रिय रहता था और सुरक्षा बलों के लिए लगातार चुनौती बना हुआ था.
बढ़ते दबाव के कारण सरेंडर
बता दें कि लंबे समय से कंधमाल, रायगढ़ और कालाहांडी के घने जंगलों में चल रहे लगातार पुलिस अभियान, ड्रोन निगरानी और परिवार की अपील से बढ़ते दबाव ने सुकरू को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर कर दिया. हालांकि उसके कुछ साथी सरेंडर के खिलाफ थे, लेकिन हालात ऐसे बन गए कि सुकरू के पास कोई विकल्प नहीं बचा.



















