CG में रोजगार के नियम बदले: अब फेस स्कैन और e-KYC के बिना नहीं मिलेगा काम

Chhattisgarh : के ग्रामीण इलाकों में रोजगार पाने के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। 1 अप्रैल 2026 से ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण’ यानी VB G RAM G योजना लागू होने जा रही है। इस नई व्यवस्था के तहत अब सिर्फ फोटो खिंचवाना काफी नहीं होगा, बल्कि श्रमिकों के लिए फेस स्कैन और e-KYC अनिवार्य कर दिया गया है।

e-KYC नहीं तो रोजगार भी नहीं

नई गाइडलाइन के मुताबिक, सभी पंजीकृत श्रमिकों को e-KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी। जिन श्रमिकों का e-KYC पूरा नहीं होगा, उन्हें योजना के तहत काम नहीं मिल पाएगा। सरकार का उद्देश्य इस प्रक्रिया के जरिए पारदर्शिता बढ़ाना और फर्जी लाभार्थियों को बाहर करना है।

डिजिटल हाजिरी से होगी निगरानी

अब काम की साइट पर उपस्थिति दर्ज करने के लिए NMMS एप का इस्तेमाल किया जाएगा। यह एप सिर्फ फोटो लेने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि फेस स्कैन के जरिए श्रमिक की पहचान को डेटा से मैच भी करेगा। इससे हाजिरी में गड़बड़ी की संभावना कम होगी और सिस्टम अधिक पारदर्शी बनेगा।

Kawardha में तेजी से हो रहा काम

कवर्धा जिले में इस नई व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। यहां करीब 3.64 लाख पंजीकृत श्रमिकों में से लगभग 3.52 लाख का e-KYC पूरा हो चुका है, जो करीब 97 प्रतिशत है। हालांकि अब भी करीब 12 हजार श्रमिक ऐसे हैं, जिनकी प्रक्रिया अधूरी है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि तय समय तक e-KYC पूरा नहीं करने वालों को रोजगार से वंचित रहना पड़ेगा।

NMMS एप क्या है और कैसे करेगा काम

NMMS यानी नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिए श्रमिकों की उपस्थिति रियल टाइम में दर्ज की जाती है। इसमें फेस स्कैन के माध्यम से श्रमिक की पहचान सत्यापित की जाती है, जिससे फर्जी हाजिरी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

सरकार का फोकस: पारदर्शिता और सटीक लाभ

नई व्यवस्था के जरिए सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक और पात्र श्रमिकों तक ही पहुंचे। फेस स्कैन और e-KYC जैसे कदमों से सिस्टम को अधिक मजबूत और भरोसेमंद बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

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