‘मिशन इम्पॉसिबल’ चोरी : 37 लाख का टावर गायब, पुलिस के पसीने छूटे!

मुजफ्फरपुर : चोरों ने ऐसा खेल रचा कि टॉम क्रूज की ‘मिशन इम्पॉसिबल’ फिल्म भी फीकी पड़ जाए! मुजफ्फरपुर के शेखपुर में रात के अंधेरे में अज्ञात चोरों ने जीटीएल और एयरटेल का 37.5 लाख रुपये का मोबाइल टावर उड़ा लिया। हां, आपने सही सुना—पूरा का पूरा टावर! चोरों का यह शातिराना कारनामा इतना सटीक था कि न तो किसी को भनक लगी, न ही कोई सबूत बचा। और बेचारी पुलिस? वो अब तक सीसीटीवी फुटेज में उलझी सिर खुजा रही है!
टावर गायब, होश उड़े!
यह सनसनीखेज ड्रामा तब खुला, जब 11 अगस्त को जीटीएल कंपनी के अधिकारी साइट पर पहुंचे और देखा कि जहां टावर खड़ा था, वहां सिर्फ खाली जमीन! 30 मीटर ऊंचा सेल्टर, डीजल जेनरेटर, बैटरी बैंक, दो एयर कंडीशनर, स्टेबलाइजर और एसएमपीएस—सब कुछ गायब। जीटीएल का 16.5 लाख का माल तो गया ही, साथ में एयरटेल के अज़ना एआरबीडी और वोभीपी जीएसएम जैसे हाई-टेक उपकरण, जिनकी कीमत 21 लाख रुपये है, भी चोरों ने साफ कर दिए। कुल नुकसान? 37.5 लाख रुपये! यह कोई छोटा-मोटा चोर नहीं, बल्कि कोई मास्टरमाइंड गैंग का काम लगता है!
पुलिस की हालत: ‘कहां गया टावर?’
जीटीएल के लीगल ऑफिसर राम बाबू सिंह ने अहियापुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई, लेकिन पुलिस अब तक भूत देख रही है। थानाध्यक्ष रोहन कुमार ने कहा, “हम सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं, जांच जारी है।” लेकिन सवाल यह है—इतना भारी-भरकम टावर, जिसे उखाड़ने के लिए क्रेन और ट्रक चाहिए, रातों-रात कहां गायब हो गया? स्थानीय लोगों ने बताया कि रात में कुछ संदिग्ध गाड़ियां दिखी थीं, लेकिन पुलिस तब सो रही थी क्या? एक शख्स ने चुटकी लेते हुए कहा, “चोरों ने तो ‘हैरी पॉटर’ स्टाइल में टावर गायब कर दिया, और पुलिस अब तक ‘क्लू’ ढूंढ रही है!”
फिल्मी चोरी का तड़का: चोर मास्टरमाइंड, पुलिस ड्रामेबाज
यह चोरी किसी बॉलीवुड ब्लॉकबस्टर से कम नहीं। चोरों ने न सिर्फ टावर को उखाड़ा, बल्कि उसे ट्रक में लादकर चंपत हो गए—वो भी बिना शोर मचाए! स्थानीय लोग इसे “टावर चोरी का महाकांड” बता रहे हैं। एक चाय की टपरी पर बैठे रामू काका ने तंज कसा, “चोर तो प्रोफेशनल निकले, लेकिन पुलिस अभी स्क्रिप्ट के पहले पन्ने पर अटकी है!” सोशल मीडिया पर भी यह खबर आग की तरह फैल रही है, और लोग पुलिस को ‘स्लो मोशन’ जांच के लिए ट्रोल कर रहे हैं।
पुलिस के सामने मिशन: चोरों को पकड़ो!अहियापुर पुलिस अब सीसीटीवी और कुछ गवाहों के बयानों के सहारे इस ‘महाकांड’ को सुलझाने की कोशिश में है, लेकिन अभी तक उनके हाथ खाली हैं। टेलीकॉम कंपनियों में हड़कंप मचा है, और जनता में चर्चा गर्म है कि आखिर इतना बड़ा टावर गायब कैसे हो गया? क्या यह कोई अंदरूनी साजिश थी, या चोरों का कोई हाई-टेक गैंग? लोग तो यह भी कह रहे हैं कि चोर अब अगली ‘ब्लॉकबस्टर चोरी’ की प्लानिंग में जुट गए होंगे!

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