मध्य प्रदेश : Mandla जिले के मोहगांव ब्लॉक स्थित रमखिरिया गांव से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक आंगनवाड़ी केंद्र में गंभीर लापरवाही के चलते पांच छोटे बच्चे जहरीला पदार्थ खाने के बाद बीमार पड़ गए। बताया जा रहा है कि बच्चों ने आटे के लड्डू खा लिए थे, जिनमें चूहामार दवा मिली हुई थी।
गांव में मची अफरा-तफरी, परिवारों में दहशत
घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया। परिजन और स्थानीय लोग तुरंत बच्चों को अस्पताल लेकर पहुंचे। शुरुआती घबराहट के बीच राहत की खबर यह रही कि डॉक्टरों की निगरानी में इलाज के बाद अब सभी बच्चों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
कैसे लड्डुओं में पहुंचा जहर
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आटे के लड्डुओं में गलती से चूहामार दवा मिल गई थी। यह भी सामने आया है कि संबंधित आंगनवाड़ी केंद्र किराए के भवन में संचालित हो रहा था, जहां सुरक्षा और सावधानी में गंभीर चूक हुई। इस लापरवाही ने पूरे इलाके में डर का माहौल पैदा कर दिया है।
जिला अस्पताल में चला इलाज
घटना के बाद बच्चों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने तेजी से इलाज शुरू किया। फिलहाल सभी बच्चों की स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन उन्हें एहतियातन निगरानी में रखा गया है।
व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
इस घटना ने आंगनवाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे अहम सवाल यह है कि बच्चों के खाने में जहरीला पदार्थ आखिर पहुंचा कैसे और अगर ऐसी गलती हुई भी, तो उसे बच्चों की पहुंच से दूर क्यों नहीं रखा गया।
जिम्मेदारी तय होगी या नहीं
अब नजर इस बात पर है कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है। यह घटना न केवल लापरवाही की पोल खोलती है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी और जवाबदेही की जरूरत भी उजागर करती है।



















