आज 30 नवंबर, 2025 रविवार, के दिन मार्गशीर्ष महीने की शुक्ल पक्ष दशमी तिथि है. इस तिथि पर भगवान शिव के प्रमुख सेनापति वीरभद्र का नियंत्रण है. शुभ समारोह और नए भवन के उद्घाटन के लिए यह तिथि शुभ मानी जाती है.
30 नवंबर का पंचांग
- विक्रम संवत : 2081
- मास : मार्गशीर्ष
- पक्ष : शुक्ल पक्ष दशमी
- दिन : रविवार
- तिथि : शुक्ल पक्ष दशमी
- योग : वज्र
- नक्षत्र : उत्तराभाद्रपदा
- करण : तैतिल
- चंद्र राशि : मीन
- सूर्य राशि : वृश्चिक
- सूर्योदय : सुबह 07:02 बजे
- सूर्यास्त : शाम 05:53 बजे
- चंद्रोदय : दोपहर 01.49 बजे
- चंद्रास्त : देर रात 02.36 बजे (1 दिसंबर)
- राहुकाल : 16:31 से 17:53
- यमगंड : 12:27 से 13:49
विवाह या अन्य गतिविधि के लिए अनुकूल है नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा मीन राशि और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में रहेंगे. यह नक्षत्र मीन राशि 3:20 डिग्री से लेकर 16:40 तक फैला हुआ है. इसके देवता अहिर्बुध्न्य हैं, जो एक नाग देवता हैं. इस नक्षत्र के स्वामी ग्रह शनि हैं. कुएं खोदने, नींव या शहर बनाने, प्रायश्चित अनुष्ठान करने, पेड़ लगाने, राज्याभिषेक, भूमि खरीदने, मेधावी कर्म, बीज बोने, देवताओं की स्थापना, मंदिर के निर्माण, विवाह या किसी अन्य गतिविधि के लिए ये अनुकूल नक्षत्र है.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 16:31 से 17:53 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् से भी परहेज करना चाहिए.


















