सरकारी जमीन पर अवैध दुकानें, कार्रवाई अधूरी
राजधानी रायपुर के डूमरतालाब इलाके में रायपुर अवैध निर्माण का मामला सुर्खियों में है। पुराने आमानाका स्टेशन से चाणक्य कॉलेज तक सरकारी भूमि पर 8 दुकानों का अवैध निर्माण हुआ है। स्थानीय नागरिक पिछले एक साल से इसकी शिकायत कर रहे हैं, लेकिन निगम की कार्रवाई अधूरी है।
शिकायत और अधूरी कार्रवाई
सामाजिक कार्यकर्ता विकास तिवारी ने जुलाई 2024 से शिकायत दर्ज कराई थी। निगम ने केवल एक दुकान तोड़ी, जबकि बाकी सात दुकानें अभी भी चल रही हैं। जून 2025 में तिवारी ने दोबारा मुख्यमंत्री और जोन-7 कमिश्नर को शिकायत दी। निगम का कहना है कि “नियमितीकरण आवेदन की जांच जारी है,” लेकिन नागरिकों का आरोप है कि यह केवल खानापूर्ति है।
दस्तावेजों और पते में गड़बड़ी
आरटीआई से मिले दस्तावेजों के अनुसार, इन दुकानों के पीछे स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम सामने आए हैं। भूमि बैनामा में दर्ज खसरा और वास्तविक निर्माण स्थल मेल नहीं खाते। टैक्स रसीदों में पता “चाणक्य कॉलेज के सामने, डूमरतालाब” अंकित है, जबकि वास्तविक भूमि कहीं और दर्ज है। इससे साफ है कि अवैध निर्माण को वैध ठहराने की कोशिश की जा रही है।
नागरिकों में आक्रोश
स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटे निर्माणों पर निगम तुरंत कार्रवाई करता है, लेकिन प्रभावशाली लोगों के खिलाफ शिकायतों को टाल दिया जाता है। अब नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे।