छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन करने वाले कई खिलाड़ी पिछले 7–8 वर्षों से रोजगार की तलाश में संघर्ष कर रहे हैं। स्थिति यह है कि कई खिलाड़ी आजीविका चलाने के लिए चाय ठेला लगाने, ई रिक्शा चलाने और सब्जी बेचने जैसे कार्य करने को मजबूर हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के बाद सरकार ने लिया संज्ञान
इस गंभीर मुद्दे को प्रमुखता से सामने आने के बाद राज्य सरकार ने मामले पर संज्ञान लिया है। इसके बाद खिलाड़ियों की नियुक्ति और सम्मान से जुड़ी प्रक्रिया में तेजी आने के संकेत दिए गए हैं।
खेल मंत्री का आश्वासन, चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में
उपमुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव ने स्पष्ट किया है कि उत्कृष्ट खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा और पात्र खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हो सकती है अहम बैठक
खेल मंत्री ने यह भी बताया कि जल्द ही मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सूची को अंतिम रूप देकर घोषणा की जाएगी।
खिलाड़ियों की सीधी मुलाकात और मांगें
हाल ही में पदक विजेता और अवॉर्ड प्राप्त खिलाड़ियों ने नया रायपुर स्थित निवास पर खेल मंत्री से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने लंबे समय से लंबित उत्कृष्ट खिलाड़ी सूची जारी करने और राज्य खेल अलंकरण समारोह आयोजित करने की मांग रखी।
विभागीय बैठक में प्रक्रिया पर चर्चा
इसके बाद खिलाड़ियों का प्रतिनिधिमंडल खेल एवं युवा कल्याण विभाग, रायपुर पहुंचा, जहां खेल सचिव यशवंत कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इस बैठक में चयन प्रक्रिया, समयसीमा और अन्य प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
ओवर एज मामलों पर भी विचार
बैठक में खिलाड़ियों से जुड़े ओवर एज मामलों पर भी गंभीरता से विचार किया गया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि इस संबंध में उचित और न्यायसंगत निर्णय लिया जाएगा।
राहत की उम्मीद, लंबित मुद्दे के समाधान की दिशा में कदम
लंबे समय से अटके इस मामले में अब सरकार की सक्रियता के बाद खिलाड़ियों को उम्मीद जगी है कि जल्द ही उन्हें सम्मान और रोजगार से जुड़ा लाभ मिल सकता है।



















