बिलासपुर में 10वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल कराने के आरोप में एक महिला व्याख्याता को निलंबित कर दिया गया। डीपीआई (लोक शिक्षण संचालनालय) की उड़नदस्ता टीम ने महिला लेक्चरर रंजना शर्मा को रंगे हाथों पकड़ा, जब वह छात्रों को प्रिंटेड नकल सामग्री बांट रही थीं।
सख्त निगरानी के बावजूद पकड़ी गई शिक्षिका
इस साल बोर्ड परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए कड़े इंतजाम किए गए थे। जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर छह उड़नदस्ता दलों का गठन किया गया था, जिनमें हर दल में छह अधिकारी शामिल थे। यह टीमें जिलेभर में परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रही थीं।
17 मार्च को तखतपुर विकासखंड के उसलापुर स्थित गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल में जांच के दौरान टीम को कक्ष क्रमांक 5 में व्याख्याता रंजना शर्मा छात्रों को नकल कराते हुए मिलीं। अधिकारियों ने तुरंत सबूत इकट्ठा कर DPI को रिपोर्ट भेजी।
DPI ने तुरंत की सख्त कार्रवाई
28 मार्च को लोक शिक्षण संचालनालय की संचालक दिव्या उमेश मिश्रा ने नकल कराते पकड़ी गई व्याख्याता को निलंबित करने का आदेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि उनका यह कृत्य अनुशासनहीनता और लापरवाही को दर्शाता है, जो उनके पदीय दायित्वों के विरुद्ध है। निलंबन के दौरान, उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में रखा गया है।
शिक्षकों की भूमिका पर सवाल
अधिकारियों की सख्त निगरानी के बावजूद किसी भी परीक्षा केंद्र में छात्र नकल करते नहीं पाए गए। हालांकि, एक शिक्षिका को स्वयं नकल कराते पकड़े जाने से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह घटना दर्शाती है कि नकल रोकने के लिए प्रशासन को और सख्त कदम उठाने की जरूरत है।