छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में गिरफ्तार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल ईडी रिमांड पर हैं। गुरुवार को रायपुर के सुभाष स्टेडियम स्थित ईडी ऑफिस में उनसे मिलने परिवार पहुंचा। इस दौरान भूपेश बघेल, उनकी पत्नी, चैतन्य की पत्नी, बेटियां और नाती भी मौजूद रहे। मुलाक़ात का माहौल बेहद भावुक रहा।
चैतन्य को 18 जुलाई, उनके जन्मदिन के दिन भिलाई स्थित निवास से धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) 2002 के तहत गिरफ्तार किया गया था। ईडी के मुताबिक, शराब घोटाले से राज्य को भारी वित्तीय नुकसान हुआ और लगभग 2,500 करोड़ रुपये की अवैध कमाई विभिन्न लोगों तक पहुंचाई गई। जांच में सामने आया कि चैतन्य बघेल ने करीब 16.70 करोड़ रुपये प्राप्त किए और इन्हें अपनी रियल एस्टेट कंपनियों के जरिए मिलाने का प्रयास किया।
ईडी का दावा है कि चैतन्य ने ठेकेदारों को नकद भुगतान, बैंकिंग एंट्रीज़ और “विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट” के जरिए करोड़ों रुपये की लेन-देन की। इतना ही नहीं, उन पर 1000 करोड़ रुपये से अधिक की प्रॉसीड्स ऑफ क्राइम (POC) को संभालने का भी आरोप है।
इससे पहले ईडी पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर और विधायक कवासी लखमा समेत कई बड़े नामों को गिरफ्तार कर चुकी है। चैतन्य ने अपनी गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन राहत नहीं मिली।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कहना है कि यह पूरा मामला राजनीतिक साजिश है और भाजपा सरकार उन्हें और उनके परिवार को बदनाम करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और दोषी चाहे जो हो, उसे सजा मिलेगी।