धरसीवा। आईडीबीआई बैंक की धोखाधड़ी के शिकार खाताधारकों का धैर्य अब टूट गया है। करीब डेढ़ माह से न्याय की मांग कर रहे पीड़ितों ने धरसीवा स्थित बैंक शाखा में तालाबंदी कर दी और बैंक के सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
पीड़ितों का आरोप है कि बैंक के कुछ कर्मचारियों ने मिलकर करीब डेढ़ करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। अब तक करीब 20 पीड़ित सामने आए हैं, जिन्होंने अपनी जमा पूंजी खोने की शिकायत की है। बावजूद इसके, संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित पहले ही पुलिस प्रशासन, विधायक, सांसद, पूर्व मुख्यमंत्री, कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंप चुके हैं। पुलिस ने 20 में से 3 मामलों में FIR दर्ज कर दो कर्मचारियों राजा खूंटे और दुर्गेश शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेजा। हालांकि, पीड़ित तत्कालीन बैंक प्रबंधक समेत सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और अपनी रकम की वापसी की मांग पर अड़े हुए हैं।
शुक्रवार को अल्टीमेटम देने के बाद सोमवार से पीड़ितों ने बैंक में तालाबंदी कर उग्र आंदोलन शुरू किया। सूचना पाकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत शुक्ला मौके पर पहुंचे। इसके बाद पीड़ितों ने विरोध रैली निकालकर थाने तक पहुँचाई। फिलहाल पुलिस और पीड़ितों के बीच बातचीत जारी है। कांग्रेस पार्टी ने भी पीड़ितों का समर्थन किया और पार्टी के कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए।
पीड़ितों की मुख्य मांगें:
- सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी।
- जमा राशि की जल्द वापसी।
- मामले की निष्पक्ष और तेज जांच।
धरसीवा आईडीबीआई बैंक धोखाधड़ी ने स्थानीय जनता में गहरी नाराजगी और बैंकिंग सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



















