छत्तीसगढ़ में अमानक दवाओं पर सख्ती: स्वास्थ्य मंत्री ने दी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आम जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने औषधि निरीक्षण अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। मई 2025 में राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर द्वारा जांचे गए 34 औषधि नमूनों में से 3 दवाएं अमानक पाई गईं।

अमानक घोषित दवाएं निम्नलिखित हैं:

  • विल्डमेड टैबलेट (मधुमेह के लिए) – निर्माता: वृंदावन ग्लोबल, सोलन
  • रिफलीवे एम टैबलेट (संक्रमण के लिए) – निर्माता: आई हील फार्मा, बद्दी
  • डोंलोकैर डी एस सस्पेंशन (बुखार व दर्द के लिए) – निर्माता: क्विक्सोटिक फार्मा, मोहाली

इन दवाओं के खिलाफ संबंधित कंपनियों व वितरकों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्पष्ट कहा, “जनस्वास्थ्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी।”

इसके अलावा, राज्य में नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए औषधि निरीक्षकों की टीमें लगातार मेडिकल स्टोर्स की निगरानी कर रही हैं। मेडिकल दुकानों में CCTV अनिवार्यता पर भी तेज़ी से काम चल रहा है।

विश्व तंबाकू निषेध दिवस (31 मई) के अवसर पर विशेष अभियान में 249 दुकानदारों को कोटपा अधिनियम, 2003 के तहत चालान किया गया। शिक्षण संस्थानों के समीप तंबाकू उत्पाद बेचने वालों पर ₹100 प्रति व्यक्ति की दर से जुर्माना लगाया गया।

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