गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण 11 जिले और पड़ोसी राज्य में भारी बारिश के कारण एक और जिला बाढ़ से प्रभावित हुआ है।
सरकार ने राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई केंद्रों के जरिए भी प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाई है।
PATNA – बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बाढ़ से प्रभावित परिवारों को सीधे उनके बैंक खातों में ₹7,000 प्रति परिवार की दर से आर्थिक सहायता राशि भेजना शुरू किया। यह भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए किया गया है।
1 अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ से माउस क्लिक कर मुख्यमंत्री ने इस प्रक्रिया का शुभारंभ किया। इसके तहत, 12 जिलों के 6 लाख 51 हजार 602 परिवारों को ₹456 करोड़ 12 लाख की राशि का भुगतान किया गया है।

आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, अगस्त महीने में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार समेत कुल 11 जिले प्रभावित हुए। इसके अलावा, पड़ोसी राज्य में भारी बारिश से नालंदा जिले के 4 प्रखंडों की 8 पंचायतें भी बाढ़ की चपेट में आईं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन 12 जिलों के 66 प्रखंडों में करीब 38 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। राहत कार्यों के तहत, अब तक 2.19 लाख पॉलीथीन शीट्स और 57,639 ड्राई राशन पैकेट वितरित किए गए हैं। 14 बाढ़ राहत शिविर भी चलाए जा रहे हैं, जिनमें लगभग 15 हजार लोग रह रहे हैं। इन शिविरों में मानव और पशु चिकित्सा के भी इंतजाम किए गए हैं।
नीतीश कुमार ने 13 अगस्त को बाढ़ प्रभावित जिलों के साथ एक समीक्षा बैठक की थी और 14 अगस्त को हवाई सर्वेक्षण भी किया था। उन्होंने अधिकारियों को 20 अगस्त तक बाढ़ पीड़ितों को सहायता राशि का भुगतान शुरू करने का निर्देश दिया था, जिस पर आज अमल किया गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सितंबर तक सतर्क रहने की सलाह दी क्योंकि भारी बारिश और नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा, “राज्य के खजाने पर आपदा पीड़ितों का पहला अधिकार है।”