छत्तीसगढ़ : के बालोद जिले की कक्षा नौवीं की छात्रा हेमाद्री चौधरी को उनके साहसिक कार्य के लिए गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर राज्य वीरता सम्मान प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें एक डूबते बच्चे की जान बचाने के लिए दिया जा रहा है, जो उनकी बहादुरी और मानवता की मिसाल बन गया है। हेमाद्री का यह साहसिक कदम पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बना हुआ है।
यह घटना 2 अक्टूबर 2025 को मटिया गांव में हुई थी। गांव के तालाब के पास खेलते समय कक्षा पहली का एक बच्चा अचानक गहरे पानी में गिर गया और डूबने लगा। उसका भाई मदद के लिए जोर-जोर से चिल्ला रहा था, लेकिन मौके पर मौजूद एक युवक ने तालाब में उतरने से इनकार कर दिया। स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही थी और बच्चे की जान खतरे में थी।
इसी बीच हेमाद्री चौधरी ने बिना किसी डर और हिचकिचाहट के तालाब में छलांग लगा दी। काफी संघर्ष और प्रयास के बाद उसने बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हेमाद्री की इस बहादुरी को पहले बाल दिवस के अवसर पर स्कूल स्तर पर सम्मानित किया गया था।
महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन ने उनके इस प्रेरणादायी कार्य को मान्यता देते हुए उन्हें राज्य वीरता सम्मान 2025 के लिए चयनित किया है। 26 जनवरी 2026 को रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में उन्हें 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि, प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया जाएगा।
बालोद की कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने इस उपलब्धि को जिले के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि हेमाद्री का साहस, तत्परता और कर्तव्यनिष्ठा उसकी निस्वार्थ भावना को दर्शाता है। शिक्षकों और ग्रामीणों का मानना है कि हेमाद्री का यह कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।



















