डॉ. रमन सिंह का बयान: मंत्रिमंडल विस्तार विवाद पर भरोसा न्यायालय पर
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने शनिवार को बिलासपुर प्रवास के दौरान पत्रकारों से चर्चा की। मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर उठ रहे विवाद पर उन्होंने कहा कि इस विषय पर अनावश्यक चिंता की आवश्यकता नहीं है क्योंकि मामला न्यायालय के विचाराधीन है। उन्होंने कहा—“हरियाणा में भी यही व्यवस्था लागू है। 13.5 को 13 भी किया जा सकता है और 14 भी। न्यायालय का जो भी फैसला होगा, वही सभी के लिए मान्य होगा।
भूपेश बघेल पर कटाक्ष
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हालिया बयानों पर कटाक्ष करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि उनके बयान “अजीबोगरीब” हो गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि बघेल इतनी हड़बड़ी क्यों दिखा रहे हैं।
पीएम पर अभद्र टिप्पणी की निंदा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. सिंह ने इसे राजनीतिक चरित्र की “बड़ी गिरावट” बताया। उन्होंने कहा कि जब नेता इस तरह की भाषा का उपयोग करते हैं तो कार्यकर्ताओं पर भी उसका असर पड़ता है।
संघ और सामाजिक कार्यक्रम
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर पूरे देश में 1000 से अधिक गोष्ठियां आयोजित की जा रही हैं। बिलासपुर का आयोजन भी उसी श्रृंखला का हिस्सा है। डॉ. सिंह ने कहा कि सरसंघचालक का बिलासपुर आगमन प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात है।
काशीनाथ गोरे को श्रद्धांजलि
सभा में उन्होंने स्वर्गीय काशीनाथ गोरे को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया। उन्होंने कहा कि काशीनाथ जी का जीवन संघर्ष और सेवा का आदर्श उदाहरण है।
राज्यपाल नियुक्ति की अटकलों पर प्रतिक्रिया
अपने राज्यपाल बनाए जाने की अटकलों पर डॉ. सिंह ने हंसते हुए कहा—“ये सिर्फ मीडिया की खबरें हैं। मुझे छत्तीसगढ़ में ही रहने दीजिए।”
विश्लेषकों का मानना है कि डॉ. सिंह के इस बयान से भाजपा नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि वह न्यायालय की प्रक्रिया पर भरोसा रखता है और विपक्ष की चिंता से अप्रभावित है।