S-400 Deal: रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को बड़ा फैसला लिया है. भारतीय सेना की ताकत को बढ़ाने के लिए रूस से एस-400 वायु रक्षा प्रणाली के लिए 288 मिसाइलें खरीदने की मंजूरी दी है. इसके अलावा फ्रांस से 114 लड़ाकू विमान और अमेरिका से 6 समुद्री निगरानी विमान खरीदने को मंजूरी मिल गई है. रक्षा मंत्रालय की इस बैठक में करीब 3 लाख 60 हजार करोड़ रुपए के रक्षा प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई है. अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली कमिटी अंतिम मुहर लगाएगी. खास बात यह है कि इसमें ज्यादातर हथियार ‘मेड इन इंडिया’ पर जोर दिया गया है. यहां जानें किन-किन हथियारों को मिली मंजूरी?
ऑपरेशन सिंदूर के समय S-400 की ताकत को दुनिया ने देखा. इस दौरान पहले से मौजूद मिसाइलें खर्च हो गईं, जिसकी वजह से सेना के भंडार में कमी आई. इस कमी को पूरा करने के लिए रक्षा मंत्रालय ने 288 मिसाइलें खरीदने की मंजूरी दे दी है, जो लगभग 10 हजार करोड़ रुपए की कीमत का पड़ेगा. रक्षा मंत्रालय ने जिन मिसाइलों को खरीद की मंजूरी दी है, उसमें 120 छोटी दूरी की और 168 लंबी दूरी की मिसाइलें शामिल हैं. इन्हें बहुत जल्दी खरीदने की प्रक्रिया पर काम चल रहा है. ताकि भारतीय सेना पूरी ताकत के साथ तैयार रहे.
Op सिंदूर में दिखाया था जलवा
इस डील के साथ ही रूस से अभी बचे हुए दो S-400 के दस्ते जून और नवंबर के महीने में आने वाले हैं. गुरुवार को रक्षा मंत्रालय की बैठक में जिस मिसाइल की डील हुई, उसमें S-400 के लिए 40 किलोमीटर, 150 किलोमीटर, 200 किलोमीटर और 400 किलोमीटर दूरी तक मारक क्षमता वाली मिसाइलें खरीदी जाएंगी. ये मिसाइलें इतनी ताकतवर होती हैं कि अपने दुश्मनों को जमीन से हवा में नष्ट कर देंगी. इन मिसाइलों को उपयोग हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किया गया था, जिसमें सेना ने पाकिस्तान के 314 किलोमीटर अंदर घुसकर निशाना लगाया था.
3 लाख 60 हजार करोड़ के रक्षा प्रस्ताव की मंजूरी
S-400 के लिए मिसाइलों के अलावा DAC ने गुरुवार को लगभग 3 लाख 25 हजार करोड़ रुपए की कीमत के 114 अतिरिक्त राफेल खरीदने की मंजूरी दी है. अभी भारत के पास सिर्फ 36 राफेल है. अमेरिका से जिन 6 समुद्री निगरानी विमान खरीदने पर मुहर लगाया गया है, उनका सौदा करीब 30 हजार करोड़ रुपए में हुआ है. यानी कुल मिलाकर 3 लाख 60 हजार करोड़ रुपए के रक्षा प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है.



















