नई दिल्ली। देश में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है और अब दक्षिण-पश्चिम मानसून 2025 ने समय से पहले दस्तक दे दी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार को जानकारी दी कि मानसून बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी हिस्सों, दक्षिण अंडमान सागर, निकोबार द्वीप समूह और उत्तर अंडमान सागर के कुछ क्षेत्रों तक पहुंच चुका है।
निकोबार द्वीप में पिछले दो दिनों से लगातार मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले 3-4 दिनों में मानसून दक्षिण अरब सागर, मालदीव, कोमोरिन क्षेत्र, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा बंगाल की खाड़ी के मध्य हिस्सों तक और आगे बढ़ सकता है।
IMD के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के ऊपर पछुआ हवाएं तेज़ी से बह रही हैं। समुद्र तल से 1.5 किमी की ऊंचाई पर इनकी रफ्तार 20 समुद्री मील से भी अधिक है, जो कुछ स्थानों पर 4.5 किमी तक प्रभावी है। इसके साथ ही ‘आउटगोइंग लॉन्गवेव रेडिएशन’ (OLR) में गिरावट, क्षेत्र में घने बादलों और मानसून की सक्रियता का स्पष्ट संकेत है।
बारिश से जुड़ी भविष्यवाणी में मौसम विभाग ने बताया कि:
- छत्तीसगढ़ में 13 से 15 मई तक आंधी और बिजली के साथ हल्की से मध्यम बारिश संभव है।
- मध्य प्रदेश में 13 से 16 मई तक बारिश हो सकती है।
- पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 14-15 मई को बारिश की संभावना है।
- झारखंड में 15-16 मई को बादल बरस सकते हैं।
- केरल में 27 मई तक रुक-रुक कर वर्षा का दौर जारी रहेगा।
दक्षिण-पश्चिम मानसून 2025 की इस समयपूर्व एंट्री ने किसानों और आम लोगों के लिए राहत की उम्मीदें जगा दी हैं। खेती और तापमान दोनों ही क्षेत्रों में इसका सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।



















