अम्बिकापुर में 22 वर्षीय युवती की गर्भपात की गोली से मौत, प्रेमी पर गंभीर आरोप

अम्बिकापुर, छत्तीसगढ़।अम्बिकापुर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 22 वर्षीय युवती प्रिया पावले की गर्भपात की गोली खाने से हालत बिगड़ने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। यह घटना महामायापारा की है और इससे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।

परिजनों ने युवती के प्रेमी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसी ने प्रिया को गर्भपात की दवा दी, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ी और अंततः मृत्यु हो गई।


घटना का पूरा विवरण

प्रिया पावले महामायापारा में अपनी मां और परिवार के साथ रहती थी।
बताया जा रहा है कि पास में ही रहने वाले एक युवक से उसका प्रेम संबंध था और वह गर्भवती हो गई थी।

रविवार को प्रिया को तेज पेट दर्द हुआ, जिसके बाद उसकी छोटी बहन उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर गई।
रास्ते में प्रेमी और उसके चाचा भी मिले, लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद जब ब्लड की जरूरत पड़ी, तो दोनों मौके से गायब हो गए और दोबारा लौटकर नहीं आए।


युवती की हालत बिगड़ी, अस्पताल में मौत

प्रिया की मां जब अस्पताल पहुंचीं, तो उनकी बेटी बेहोशी की हालत में थी।
अस्पताल स्टाफ ने बताया कि प्रिया ने गर्भपात की गोली खाई थी, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई थी।

डॉक्टरों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन शाम 5:07 बजे प्रिया ने दम तोड़ दिया।


परिजनों का गंभीर आरोप: “प्रेमी ने दी थी दवा”

प्रिया की मां और बहन का कहना है कि

“बेटी ने जानबूझकर गोली नहीं खाई थी। उसे दवा उसके प्रेमी ने दी थी, ताकि गर्भपात हो जाए।”

परिवार के अनुसार, प्रिया को गर्भवती होने की बात किसी को नहीं पता थी, और उसकी तबीयत अचानक ही बिगड़ गई।


पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की

कोतवाली पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर लिया है और प्रिया की मां व बहन के बयान दर्ज किए हैं।
पोस्टमार्टम महिला डॉक्टर की निगरानी में कराया गया, और इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

पुलिस ने बताया कि वे प्रेमी युवक और उसके चाचा की भूमिका की जांच कर रहे हैं।
जल्द ही गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है।


📢 सामाजिक संदेश

यह घटना केवल एक युवती की मौत नहीं, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है:

🔴 गर्भपात जैसी संवेदनशील प्रक्रिया को बिना डॉक्टर की सलाह के करना जानलेवा हो सकता है।
🔴 युवाओं को रिश्तों में जिम्मेदारी और समझदारी से कदम उठाना चाहिए।
🔴 माता-पिता और समाज को भी बच्चों से संवाद बनाए रखना जरूरी है, ताकि वे अपनी परेशानियां खुलकर साझा कर सकें।

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