नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने इस बार समय से पहले अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में दस्तक दी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पुष्टि की है कि 13 मई 2025 को मानसून ने दक्षिण अंडमान सागर, दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और निकोबार द्वीप समूह को कवर कर लिया है।
यह सामान्य तिथि (18-19 मई) से लगभग 5-6 दिन पहले का आगमन है, जो आगामी दिनों में देशभर में गर्मी से राहत और बेहतर कृषि मौसम का संकेत है।
पिछले दो दिनों से हो रही है भारी बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक, निकोबार द्वीपों में पिछले दो दिनों से मध्यम से भारी बारिश हो रही है।
- हवाओं की गति 20 नॉट्स से अधिक दर्ज की गई है।
- यह प्रभाव समुद्र तल से 4.5 किमी की ऊंचाई तक देखा गया है।
- यह सब मानसून की सक्रियता का मजबूत संकेत है।
OLR (आउटगोइंग लॉन्गवेव रेडिएशन) में गिरावट
IMD ने बताया कि
“बीते 48 घंटों में OLR में उल्लेखनीय गिरावट आई है।”
यह बदलाव मानसून की प्रगति और मजबूती का एक वैज्ञानिक संकेत माना जाता है। यह मानसून के अगले चरणों में आगे बढ़ने की अनुकूल परिस्थितियों को दर्शाता है।
27 मई को केरल पहुंच सकता है मानसून
IMD के अनुसार, इस बार मानसून केरल में भी समय से पहले दस्तक दे सकता है।
- अनुमान है कि 27 मई 2025 तक मानसून केरल पहुंच जाएगा, जो सामान्य आगमन तिथि 1 जून से 5 दिन पहले है।
पूरे देश में सामान्य से अधिक वर्षा की संभावना
मौसम विभाग की लंबी अवधि की भविष्यवाणी के अनुसार:
- इस वर्ष भारत में सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है।
- इससे गर्मी से राहत मिलेगी और खेती-किसानी को फायदा पहुंचेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि जल भंडारण, फसल चक्र और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए यह वर्ष सकारात्मक हो सकता है।



















