सीएसआर टेंडर विवाद पर पहली बार बोली एनएमडीसी, आरोपों को किया खारिज, पारदर्शी प्रक्रिया का किया दावा

 दंतेवाड़ा:  एनएमडीसी की सीएसआर निविदा प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद के बीच कंपनी ने पहली बार अपना आधिकारिक पक्ष सामने रखा है। महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव तुलिका कर्मा द्वारा लगाए गए अनियमितताओं के आरोपों के बाद एनएमडीसी ने स्पष्ट किया कि पूरी निविदा प्रक्रिया निर्धारित नियमों, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न की गई है।

हर अनुबंध तय नियमों के अनुसार दिया गया

कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सभी अनुबंध निर्धारित दिशा-निर्देशों और मानक निविदा प्रक्रिया का पालन करते हुए आवंटित किए जाते हैं। एनएमडीसी के मुताबिक, प्रत्येक निविदा का मूल्यांकन पूर्व निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाता है, जिससे सभी पात्र एजेंसियों को समान अवसर मिल सके और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।

स्थानीय ठेकेदारों को मिला 80 प्रतिशत काम

एनएमडीसी ने यह भी बताया कि पिछले दो वित्तीय वर्षों के दौरान दंतेवाड़ा जिले के स्थानीय ठेकेदारों और वेंडरों को 275 से अधिक अनुबंध दिए गए हैं। कंपनी के अनुसार, यह कुल आवंटित अनुबंधों का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा है। वहीं, मूल्य के आधार पर स्थानीय एजेंसियों को करीब 225 करोड़ रुपये के कार्य सौंपे गए हैं।

कंपनी ने कहा कि उसका उद्देश्य स्थानीय कारोबार को प्रोत्साहित करना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और दंतेवाड़ा के सामाजिक तथा आर्थिक विकास को गति देना है। साथ ही भविष्य में भी खरीद और निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुशासन के उच्च मानकों का पालन जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

आखिर क्यों उठा था विवाद

हाल ही में महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव तुलिका कर्मा ने एनएमडीसी की सीएसआर निविदा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की थी। आरोपों के सार्वजनिक होने के बाद यह मामला चर्चा में आया। अब एनएमडीसी ने विस्तृत स्पष्टीकरण जारी करते हुए सभी आरोपों को निराधार बताया है और दावा किया है कि पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुरूप तथा पूरी तरह पारदर्शी तरीके से पूरी की गई है।

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