रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने दो दिवसीय नई दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों और भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। दिल्ली दौरे से लौटने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने विभिन्न बैठकों और लिए गए फैसलों की जानकारी साझा की।
अमित शाह से बस्तर के विकास पर हुई चर्चा
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनकी विस्तृत मुलाकात हुई, जिसमें उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान बस्तर क्षेत्र के विकास, सुरक्षा और जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर सकारात्मक चर्चा की गई। इसके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व से भी संगठनात्मक और विकास संबंधी विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
छत्तीसगढ़ में आयुर्वेदिक एम्स स्थापित करने की मांग
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ में आयुर्वेदिक एम्स की स्थापना का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि राज्य का लगभग 44 प्रतिशत हिस्सा वन क्षेत्र से आच्छादित है, जहां बड़ी मात्रा में औषधीय वनस्पतियां और जड़ी-बूटियां उपलब्ध हैं। ऐसे में आयुर्वेदिक चिकित्सा, अनुसंधान और पारंपरिक उपचार पद्धति को बढ़ावा देने के लिए राज्य में आयुर्वेदिक एम्स की स्थापना महत्वपूर्ण होगी।
यूपीएससी अभ्यर्थियों के लिए बढ़ाई जाएगी सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में रहकर तैयारी करने वाले 13 विद्यार्थियों ने यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 में सफलता हासिल की है। अब इन अभ्यर्थियों की मुख्य परीक्षा की तैयारी को और मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार विशेष शैक्षणिक और मार्गदर्शन संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।
आपातकाल को बताया लोकतंत्र का काला अध्याय
25 जून को आपातकाल की वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दिन को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों पर गंभीर आघात हुआ था तथा कई विपक्षी नेताओं को जेल भेजा गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी को उस दौर की जानकारी मिलनी चाहिए, इसलिए इसे एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम में भी शामिल किया गया है।
कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा जांच के दिए निर्देश
हाल ही में लखनऊ में हुए हादसे का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच के निर्देश मुख्य सचिव को दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकास और अन्य सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाएगी, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचाव सुनिश्चित किया जा सके।



















