रायपुर : कृषि विभाग की छापेमारी के बाद अनियमितताओं में लिप्त कृषि केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कलेक्टर गौरव सिंह ने एक कृषि केंद्र का उर्वरक बिक्री लाइसेंस निलंबित कर दिया है। इसके अलावा तीन कृषि केंद्रों में उर्वरक बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है, जबकि एक अन्य केंद्र संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अवैध उर्वरक कारोबार से जुड़े एक अन्य मामले में भी कड़ी कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
बिना दस्तावेज उर्वरक भंडारण और वितरण, संचालक को नोटिस
आरंग विकासखंड के ग्राम समोदा स्थित महानदी बीज भंडार में जांच के दौरान पाया गया कि संचालक बिना स्रोत प्रमाण पत्र संलग्न किए उर्वरक का भंडारण और वितरण कर रहा था। इस अनियमितता को गंभीर मानते हुए कलेक्टर के निर्देश पर संबंधित संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
35 मीट्रिक टन से ज्यादा उर्वरक जब्त, कानूनी कार्रवाई की तैयारी
आरंग के ग्राम कलई में स्थित पुलकित बायो फर्टिलाइजर कंपनी पर भी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। जांच के दौरान यहां अवैध रूप से उर्वरक का कारोबार संचालित होता मिला। टीम ने मौके से 35.05 मीट्रिक टन उर्वरक जब्त किया। इस मामले की रिपोर्ट उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए कलेक्टर को सौंप दी गई है। मामला फिलहाल विचाराधीन है और जल्द कानूनी कार्रवाई के निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
सुंदरम बीज भंडार का लाइसेंस निलंबित
ग्राम लखौली स्थित सुंदरम बीज भंडार में छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में अवैध उर्वरक भंडारण मिला। जांच में यह भी सामने आया कि केंद्र पर स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर और अन्य जरूरी अभिलेख नियमानुसार संधारित नहीं किए गए थे। इन गंभीर खामियों को देखते हुए कलेक्टर ने केंद्र का उर्वरक बिक्री लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
तीन कृषि केंद्रों की बिक्री पर तत्काल रोक
जांच के दौरान धरसींवा के ग्राम पंडरभट्टा स्थित प्रयाग कृषि केंद्र, आरंग के लखौली स्थित इंदु कृषि सेवा केंद्र और अभनपुर के रवेली स्थित मिश्रा कृषि केंद्र में भी नियमों का उल्लंघन पाया गया। इन केंद्रों पर बिल बुक और आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं थे तथा उर्वरक बिक्री निर्धारित नियमों के अनुसार नहीं की जा रही थी। उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों के तहत तीनों केंद्रों की उर्वरक बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर जारी है कार्रवाई
कृषि विभाग के उप संचालक सतीश अवस्थी ने बताया कि छापेमारी के बाद सभी मामलों की विस्तृत जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी गई थी। उसी आधार पर एक केंद्र का लाइसेंस निलंबित किया गया है, तीन केंद्रों की बिक्री पर रोक लगाई गई है और अन्य मामलों में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कृषि क्षेत्र में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



















