बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में प्रतिबंध के बावजूद अवैध रेत उत्खनन का बड़ा मामला सामने आया है। नैमेड क्षेत्र की मिनगाछल नदी में रात के समय भारी मशीनों की मदद से बड़े पैमाने पर रेत निकाली जा रही थी। सूचना मिलने पर पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर छापा मारते हुए पोकलेन मशीन, जेसीबी और चार वाहनों सहित कुल छह वाहनों को जब्त कर लिया। मामले की जांच जारी है।
रातभर मशीनों से निकाली जा रही थी नदी की रेत
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, मिनगाछल नदी में पोकलेन, जेसीबी और अन्य भारी मशीनों का उपयोग कर अवैध रूप से रेत का उत्खनन किया जा रहा था। रात के अंधेरे में रेत निकालकर वाहनों के जरिए अलग-अलग स्थानों पर पहुंचाई जा रही थी। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद संबंधित विभागों ने संयुक्त कार्रवाई की।
संयुक्त टीम की दबिश से मचा हड़कंप
सूचना मिलते ही विधायक विक्रम मंडावी की मौजूदगी में पुलिस और खनिज विभाग की टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान एक पोकलेन मशीन, एक जेसीबी और चार वाहन जब्त किए गए। अधिकारियों ने मौके से मिले साक्ष्यों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। साथ ही जब्त मशीनों और वाहनों के मालिकों की पहचान की जा रही है।
प्रतिबंध के बावजूद जारी था अवैध उत्खनन
प्रदेश में हर वर्ष 10 जून से 15 अक्टूबर तक नदियों से रेत उत्खनन पर प्रतिबंध लागू रहता है। इसके बावजूद बारिश के मौसम में भारी मशीनों से रेत निकाले जाने की घटना ने प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन की शिकायतें मिलती रही हैं।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
बीजापुर और आसपास के इलाकों में अवैध रेत उत्खनन को लेकर पहले भी कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं। प्रतिबंध अवधि के दौरान भी लगातार इस तरह की गतिविधियां सामने आने से निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल पुलिस और खनिज विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।



















