बिलासपुर: महत्वपूर्ण राजनीतिक और कानूनी घटनाक्रम सामने आया है, जहां हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ दायर चुनाव याचिका को खारिज करने की मांग को अस्वीकार कर दिया है। इसके साथ ही अब इस मामले की सुनवाई पूरी तरह मेरिट के आधार पर आगे बढ़ेगी।
आचार संहिता उल्लंघन के आरोप, निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका
यह याचिका दुर्ग सांसद और पाटन से भाजपा प्रत्याशी रहे विजय बघेल द्वारा दायर की गई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि 2023 विधानसभा चुनाव के दौरान मतदान से ठीक पहले प्रचार प्रतिबंध अवधि में भूपेश बघेल ने पाटन क्षेत्र में रैली और रोड शो किया था।याचिका में दावा किया गया है कि इस दौरान चुनावी नारे लगवाए गए और वोट मांगकर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126 का उल्लंघन किया गया।
हाईकोर्ट में प्रारंभिक आपत्ति खारिज, सुनवाई के लिए पर्याप्त आधार माना गया
जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की सिंगल बेंच में हुई सुनवाई के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से याचिका को निरस्त करने के लिए कई तर्क रखे गए। पक्षकार की ओर से यह कहा गया कि आरोपों के समर्थन में कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं है और याचिका टिकाऊ नहीं है।हालांकि कोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया और याचिका को सुनवाई योग्य मानते हुए निरस्तीकरण की मांग खारिज कर दी।
अब मेरिट पर होगी सुनवाई, 23 जून को अगली तारीख तय
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि मामले की सुनवाई अब मेरिट के आधार पर की जाएगी। अगली सुनवाई 23 जून को निर्धारित की गई है।
सुप्रीम कोर्ट से मिली थी राहत के बाद दोबारा हाईकोर्ट पहुंचे थे पक्षकार
इससे पहले इस मामले में एक अन्य आवेदन खारिज होने के बाद याचिकाकर्ता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें हाईकोर्ट में दोबारा मेंटेनेबिलिटी (सुनवाई योग्य होने) पर आवेदन देने की अनुमति दी थी। इसी निर्देश के तहत दाखिल आवेदन को अब हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है और मामले को आगे सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है।



















