आम आदमी को बड़ा झटका: क्या फिर से आसमान छुएंगे पेट्रोल-डीजल के दाम? RBI ने दिए संकेत

 नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को झकझोर दिया है। खासतौर पर Strait of Hormuz, जिसे तेल और एलपीजी सप्लाई की लाइफलाइन माना जाता है, वहां जहाजों की आवाजाही बाधित हो गई है। इसका सीधा असर ईंधन आपूर्ति पर पड़ा है और कई देशों में संकट गहराने लगा है। भारत भी इस वैश्विक उथल-पुथल से अछूता नहीं रहा।

ईंधन बचत पर सख्ती, सरकार से लेकर राज्यों तक एक्शन मोड में

प्रधानमंत्री Narendra Modi की ईंधन बचाने की अपील के बाद अब सरकार के भीतर भी इसका असर दिखने लगा है। केंद्रीय मंत्रियों ने अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या घटानी शुरू कर दी है, वहीं कई राज्यों ने ईंधन खपत कम करने के लिए निर्देश जारी किए हैं। यह संकेत है कि सरकार संभावित संकट को लेकर गंभीर है।

RBI का संकेत: पेट्रोल-डीजल महंगे होने की पूरी आशंका

इस बीच Reserve Bank of India के गवर्नर Shaktikanta Das ने साफ संकेत दिए हैं कि अगर हालात नहीं सुधरे तो ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी तय है। ज्यूरिख में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में उन्होंने कहा कि अभी तक सरकार तेल की महंगाई का बोझ खुद उठा रही है, लेकिन यह स्थिति लंबे समय तक बनाए रखना संभव नहीं है।

सरकार पर बढ़ता दबाव, तेल कंपनियों को रोजाना करोड़ों का घाटा

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आ चुका है, लेकिन भारत में अभी तक पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रखे गए हैं। इसका खामियाजा तेल कंपनियों को उठाना पड़ रहा है, जिन्हें रोजाना भारी नुकसान हो रहा है। अगर संकट लंबा खिंचता है, तो यह संतुलन टूट सकता है।

महंगाई का डबल झटका: गैस सिलेंडर पहले ही हुआ महंगा

ईंधन संकट के बीच सरकार कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम पहले ही बढ़ा चुकी है। ऐसे में अगर पेट्रोल-डीजल की कीमतें भी बढ़ती हैं, तो आम लोगों के लिए महंगाई का दोहरा दबाव तैयार हो जाएगा।

US-ईरान तनाव ने बिगाड़ा समीकरण, समाधान अभी दूर

United States और Iran के बीच 27 फरवरी से जारी टकराव ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। बीच-बीच में युद्धविराम की कोशिशें हुईं, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया। Pakistan जैसे देशों ने भी मध्यस्थता की कोशिश की, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी।

आगे क्या: राहत या और बढ़ेगा संकट

अगर होर्मुज स्ट्रेट में हालात सामान्य नहीं होते और वैश्विक स्तर पर कोई समाधान नहीं निकलता, तो भारत में ईंधन की कीमतें बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है। आने वाले समय में यह संकट आम लोगों की जेब पर कितना भारी पड़ेगा, यह अब पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय हालात पर निर्भर करता है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *