Jabalpur Cruise Accident: बरगी डैम हादसा पहुंचा हाईकोर्ट, सेफ्टी ऑडिट और क्रूज सेवाएं रोकने की उठी मांग

 मध्य प्रदेश: जबलपुर स्थित बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। इस हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया था, जिसमें क्रूज डूबने से 13 पर्यटकों की मौत हो गई थी। अब इस मामले में जनहित याचिका दायर कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और पूरे प्रदेश में वॉटर स्पोर्ट्स सुरक्षा व्यवस्था की जांच की मांग उठाई गई है।

भोपाल के केके राठी ने दायर की जनहित याचिका

भोपाल निवासी केके राठी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है। याचिका में हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश के सभी वॉटर स्पोर्ट्स सेंटरों का सेफ्टी ऑडिट कराने की अपील भी की गई है।

याचिकाकर्ता ने यह भी मांग की है कि जांच पूरी होने तक प्रदेश में क्रूज और बोट संचालन पर रोक लगाई जाए।

आठ पक्षकारों को बनाया गया पक्ष

दायर याचिका में राज्य शासन, एमपी टूरिज्म बोर्ड, आईडब्ल्यूआई, जबलपुर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक समेत कुल आठ पक्षकारों को शामिल किया गया है। मामले में प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा नियमों की अनदेखी को बड़ा मुद्दा बनाया गया है।

NGT और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन अनदेखी का आरोप

याचिका में आरोप लगाया गया है कि हादसा राष्ट्रीय हरित अधिकरण और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन की अनदेखी का नतीजा है। याचिकाकर्ता का कहना है कि पर्यटन विभाग की लापरवाही के कारण ही 13 लोगों की जान गई।

दावा किया गया है कि हादसे के समय क्षेत्र में येलो अलर्ट जारी था, इसके बावजूद क्रूज संचालन जारी रखा गया। साथ ही यात्रियों को पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम और लाइफ जैकेट भी उपलब्ध नहीं कराई गई थीं।

क्षमता से ज्यादा यात्रियों को बैठाने का आरोप

याचिका में यह भी कहा गया है कि क्रूज में निर्धारित सीमा से अधिक यात्रियों को बैठाया गया था। इससे हादसे का खतरा और बढ़ गया। अब इस पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग तेज हो गई है।

अगले सप्ताह हो सकती है सुनवाई

जानकारी के मुताबिक हाईकोर्ट में इस जनहित याचिका पर आगामी सप्ताह में सुनवाई हो सकती है। हादसे के बाद मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने जांच के आदेश दिए थे और मृतकों के परिजनों के लिए सहायता राशि का भी ऐलान किया था। सरकार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात भी कही थी।

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