नई दिल्ली : दुनियाभर में हंतावायरस को लेकर चिंता बढ़ गई है। अर्जेंटीना से केप वर्ड जा रहे एक क्रूज शिप पर इस वायरस के संक्रमण से 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक मामला पुष्टि हुआ है। World Health Organization ने फिलहाल आम लोगों के लिए खतरा कम बताया है।

यह वायरस मुख्य रूप से चूहों और उनसे जुड़े प्राणियों के जरिए फैलता है। संक्रमित चूहों के मूत्र, लार या मल के संपर्क में आने से इंसानों में संक्रमण होता है। हवा में मौजूद संक्रमित कणों के जरिए भी यह फेफड़ों तक पहुंच सकता है।
हंतावायरस के शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लू जैसे होते हैं, जिनमें बुखार, सिरदर्द, शरीर दर्द और खांसी शामिल हैं। गंभीर मामलों में यह फेफड़ों और किडनी को प्रभावित कर सकता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत और जान का खतरा बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह वायरस आम फ्लू से कहीं ज्यादा खतरनाक है। कुछ क्षेत्रों में इसकी मृत्यु दर 14 प्रतिशत तक और कुछ मामलों में 40 प्रतिशत से अधिक तक दर्ज की गई है।
आमतौर पर यह वायरस इंसान से इंसान में नहीं फैलता। हालांकि एंडीज स्ट्रेन में सीमित मानव-से-मानव संक्रमण की संभावना होती है, लेकिन इसके लिए करीबी संपर्क जरूरी है। क्रूज शिप मामले में संक्रमण का स्रोत अभी स्पष्ट नहीं है।



















