छत्तीसगढ़ में डीजीपी नियुक्ति पर बड़ा संकट…सुप्रीम कोर्ट की सख्ती से सरकार पर बढ़ा दबाव, 19 मई को अहम सुनवाई

 रायपुर : पुलिस प्रशासन की सबसे बड़ी नियुक्ति को लेकर अब मामला सीधे सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में पहुंच गया है। राज्य में पूर्णकालिक डीजीपी की नियुक्ति न होने पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए 19 मई को अंतिम सुनवाई तय कर दी है।

दो हफ्ते की डेडलाइन खत्म: अब फैसले की घड़ी नजदीक

सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सहित उन राज्यों से जवाब मांगा था, जहां अभी तक नियमित डीजीपी की नियुक्ति नहीं हुई है। तय समय सीमा बीत जाने के बाद अब कोर्ट इस मामले को अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर चुका है। अगर इस तारीख से पहले नियुक्ति नहीं होती, तो बड़ा न्यायिक आदेश आ सकता है।

प्रभारी डीजीपी पर सवाल: 15 महीने से चल रहा सिस्टम

अरुणदेव गौतम 4 फरवरी 2025 से प्रभारी डीजीपी के रूप में कार्यरत हैं, यानी करीब 15 महीने से राज्य में पूर्णकालिक डीजीपी नहीं है। इससे प्रशासनिक स्थिरता और निर्णय प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं।

UPSC और सरकार के बीच टकराव: पैनल पर विवाद

संघ लोक सेवा आयोग ने डीजीपी चयन के लिए दो सदस्यीय पैनल भेजा था, लेकिन राज्य सरकार की ओर से प्रक्रिया में देरी और बार-बार बदलावों के कारण मामला लंबा खिंचता चला गया।

सरकार ने पहले तीन नाम भेजे थे, जिनमें पवनदेव, अरुणदेव गौतम और हिमांशु गुप्ता शामिल थे। बाद में जीपी सिंह का नाम भी जोड़ा गया। हालांकि UPSC ने अंतिम पैनल में केवल दो नामों को ही मान्यता दी।

सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी की वजह: देरी और प्रक्रिया पर सवाल

सुप्रीम कोर्ट और UPSC दोनों ने इस देरी पर गंभीर आपत्ति जताई है। कोर्ट ने कहा है कि लंबे समय तक प्रभारी व्यवस्था चलाना पुलिस प्रशासनिक ढांचे के लिए उचित नहीं है। इसी वजह से अब 19 मई की सुनवाई को बेहद अहम माना जा रहा है।

मुख्य सचिव पर भी पड़ सकता है असर

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तय समय में नियुक्ति नहीं होती है तो कोर्ट राज्य के मुख्य सचिव को भी तलब कर सकता है और जवाब मांग सकता है।

पूर्णकालिक डीजीपी की नियुक्ति पर नजरें टिकीं

अगर सरकार जल्द निर्णय लेती है तो अरुणदेव गौतम या हिमांशु गुप्ता में से किसी एक को पूर्णकालिक डीजीपी बनाया जा सकता है। इससे न सिर्फ प्रशासनिक स्थिरता आएगी बल्कि कार्यकाल भी लंबा हो जाएगा।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *