रायपुर : केंद्रीय जेल में एक महिला कैदी द्वारा आत्महत्या के प्रयास का मामला सामने आने के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। महिला कैदी आशिमा राव को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसके शरीर पर आठ टांके लगाए गए हैं।
कथित रूप से कलाई और गले पर हमला, समय पर नहीं मिली जानकारी
जानकारी के अनुसार, महिला कैदी ने अपनी कलाई काटने के साथ गले पर भी चोट पहुंचाने की कोशिश की। यह घटना करीब पांच दिन पहले की बताई जा रही है, लेकिन इसका खुलासा बाद में हुआ, जिससे जेल व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं।
प्रताड़ना के आरोपों से बढ़ा विवाद, चिट्ठी में लगाए गंभीर आरोप
सूत्रों के मुताबिक, महिला कैदी ने अपने परिजनों को भेजे पत्र में जेल में कथित प्रताड़ना का जिक्र किया है। आरोप है कि चेकिंग के दौरान उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। पत्र में एक महिला अधिकारी पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
परिजनों का आक्रोश, जेल के बाहर किया प्रदर्शन
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन बड़ी संख्या में जेल के बाहर पहुंचे और विरोध जताया। उनका कहना है कि लगातार मानसिक दबाव और कथित उत्पीड़न के कारण ही महिला कैदी ने यह कदम उठाया।
न्यायिक हिरासत में बंद थी महिला, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
आशिमा राव एक मारपीट के मामले में न्यायिक हिरासत में केंद्रीय जेल में बंद थी। इस घटना ने एक बार फिर जेलों में कैदियों की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और मानवाधिकारों को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।
जांच की मांग तेज, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
अब तक जेल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है, ताकि वास्तविकता सामने आ सके और जिम्मेदारों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।



















