Bengal Election 2026 Voting Percentage: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में जबरदस्त मतदान ने पूरे देश का ध्यान खींच लिया है। 152 सीटों पर 92.88 फीसदी वोटिंग ने पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यह आंकड़ा पिछले चुनाव के मुकाबले करीब 10 फीसदी ज्यादा है, जिसने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस भारी मतदान का फायदा किसे मिलेगा।
इतिहास में पहली बार इतना मतदान, 1478 उम्मीदवारों की किस्मत बंद
पहले चरण में 1478 उम्मीदवारों की तकदीर ईवीएम में कैद हो चुकी है। आजादी के बाद पहली बार बंगाल में 90 फीसदी से अधिक मतदान दर्ज किया गया है। वैसे बंगाल में हमेशा ही मतदान प्रतिशत ऊंचा रहता है, लेकिन इस बार का आंकड़ा असाधारण है। अगर यही रफ्तार दूसरे चरण की 142 सीटों पर भी बनी रही, तो यह राज्य का अब तक का सबसे बड़ा चुनावी टर्नआउट बन जाएगा।
बयानबाजी तेज: अमित शाह का बड़ा दावा
रिकॉर्ड मतदान के बाद सियासी बयान भी तेज हो गए हैं। Amit Shah ने दावा किया है कि यह बदलाव का संकेत है और आने वाले समय में बंगाल की सत्ता बदलने वाली है। उन्होंने भरोसा जताया कि 4 मई को नतीजे भाजपा के पक्ष में जाएंगे।
महिलाओं ने दिखाया दम, कई जिलों में 90 फीसदी से ज्यादा वोटिंग
इस बार महिला मतदाताओं ने पुरुषों से ज्यादा भागीदारी दिखाई। महिला वोटिंग 92.69 फीसदी रही, जबकि पुरुषों का आंकड़ा 90.92 फीसदी पर रहा।
16 जिलों में हुए मतदान में 12 जिलों ने 90 फीसदी का आंकड़ा पार किया। दक्षिण दिनाजपुर 94.4 फीसदी के साथ सबसे आगे रहा, जबकि कूच बिहार, बीरभूम, जलपाईगुड़ी और मुर्शिदाबाद जैसे जिलों में भी रिकॉर्ड मतदान हुआ।
किसके पक्ष में जाएगी लहर, विश्लेषक भी असमंजस में
बढ़े हुए मतदान ने समीकरण जटिल कर दिए हैं। हिंदू बहुल इलाकों से लेकर मुस्लिम बहुल क्षेत्रों तक वोटिंग में जबरदस्त उछाल देखा गया है। इसका मतलब साफ है कि मतदान किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं रहा। यही वजह है कि राजनीतिक जानकार भी फिलहाल किसी नतीजे पर पहुंचने से बच रहे हैं।
टीएमसी बनाम बीजेपी: सीधी टक्कर में किसकी जीत
Mamata Banerjee की पार्टी को भरोसा है कि महिला, ग्रामीण और अल्पसंख्यक वोटर एक बार फिर उसके साथ खड़े रहेंगे। वहीं बीजेपी को उम्मीद है कि ध्रुवीकरण और घुसपैठ जैसे मुद्दे उसे बढ़त दिलाएंगे। दोनों दलों ने बूथ स्तर तक पूरी ताकत झोंक दी है।
पिछले नतीजे क्या कहते हैं
2021 विधानसभा चुनाव में इन सीटों पर टीएमसी ने 92 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि बीजेपी को 59 सीटें मिली थीं। 2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन 2024 में टीएमसी ने फिर बढ़त बना ली। साफ है कि यह क्षेत्र दोनों पार्टियों के लिए निर्णायक बना हुआ है।
अचानक क्यों बढ़ी वोटिंग, ये हैं बड़े कारण
मतदान बढ़ने के पीछे कई वजहें सामने आ रही हैं। वोटर लिस्ट में नाम कटने की आशंका, नागरिकता से जुड़े मुद्दे और दोनों प्रमुख दलों के बीच कड़ी टक्कर ने लोगों को मतदान केंद्र तक खींचा। पार्टी कैडर ने भी समर्थकों को बूथ तक पहुंचाने में पूरी ताकत लगा दी।
क्या बदलेगा सत्ता का समीकरण
बंगाल का चुनावी इतिहास बताता है कि ज्यादा मतदान अक्सर बदलाव का संकेत देता है। 2011 में मामूली बढ़ोतरी ने 34 साल पुरानी सत्ता को बदल दिया था। इस बार तो उछाल और भी बड़ा है। अब नतीजे तय करेंगे कि यह लहर सत्ता में वापसी का रास्ता बनेगी या बदलाव की नई कहानी लिखेगी।



















