जब मानव हृदय में प्रेम कि अविरल धारा प्रवाहित होती है और आत्मा एकत्व के दिव्या स्पंदन से आलौकिक होती है, तभी मानवता का वास्तविक और पवन स्वरुप प्रकट होता है , ये वही अवस्था है जहाँ समस्त भेदभाव स्वतः विलीन हो जाते हैं और करुणा समरसता तथा सार्वभौमिक भाईचारे का भाव जीवंत हो उठता है. इसी दिव्या अध्यात्मिक चेतना को साकार करने हेतु संत निरंकारी मिशन द्वारा बाबा गुरबचन सिंह जी कि पावन स्मृति में मानव एकता दिवस 24 अप्रैल 2026 को श्रद्धा , समर्पण और प्रेममय वातावरण में आयोजित किया जायेगा, जो सम्पुरण मानव जाती को एकत्व, सेवा और सदभाव का अमूल्य सन्देश प्रदान करेगा.
रायपुर ब्रांच के जोनल इंचार्ज श्री गुरबक्श सिंह कालरा ने बताया कि इस अवसर पर एक विशाल रक्त दान शिविर का आयोजन लाखे नगर स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन पर सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक किया जायेगा . देश विदेश कि विभिन्न शाखाओं में भी ये आयोजन इसी दिन किया जायेगा .
यह पावन दिवस बाबा गुरबचन सिंह जी और चाचा प्रताप सिंह जी कि दिव्या स्मृति को समर्पित है, जिनका सम्पुरण जीवन त्याग, समर्पण और निःस्वार्थ की अद्वितीय मिसाल रहा है. उन्होंने अपने आचरण और विचारों के माध्यम से मानवता को प्रेम, विनम्रता और परोपकार का सच्चा मार्ग दिखाया . उनके दिव्या आदर्श आज भी प्रत्येक हृदय में सेवा, भक्ति और एकत्व की ज्योति प्रज्ववलित करते हैं
और मानव मात्र को यह प्रेरणा देते हैं कि सच्ची साधना केवल शब्दों में नहीं बल्कि निःस्वार्थ सेवा करुणा और आपसी भाईचारे में निहित है.
मीडिया प्रभारी प्रेम सिंह धामी ने बताया कि मॉडल ब्लड बैंक मेकाहारा से अनुभवी चिकित्सकों कि टीम द्वारा रक्त संग्रहण का कार्य किया जायेगा.इस शिविर में सैकड़ों की संख्या में भाई और बहने तथा समाज के जागरूक नागरिकों द्वारा मानव जीवन कि रक्षा हेतु स्वैक्षिक रक्त दान किया जायेगा. संत निरंकारी मंडल की सामाजिक शाखा संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा ये आयोजन सम्पुरण विशव में किया जायेगा
उल्लेखनीय है कि संत निरंकारी मिशन रक्त दान के क्षेत्र में सदाव अग्रणी रहा है जहाँ 4 दशकों से तक्त्दान का सफल आयोजन किया जाता रहा है. विगत वर्षों में आयोजित हजारों रक्तदान शिविरों के माध्यम से अनगिनत जीवनों को नया जीवन प्राप्त हुआ है.
निःसंदेह यह पुण्य प्रयास सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज कि दिव्या शिक्षाओं का सजीव एवं प्रेरणादाई प्रतिबिम्ब है जो मानव हृदय में प्रेम, एकत्व और सहस्तित्व कि पावन ज्योति प्रजवलित करता है. उनकी करुणामई प्रेरणा प्रत्येक व्यक्ति को यह अनुभूति कराती है कि सच्चा जीवन वही है, जो सेवा, विनम्रता और आपसी सदभाव के मार्ग पर अग्रसर हो.
मानव एकता दिवस : सेवा और अध्यात्मिक समरसताका पवन अवसर



















