Noida Protest: उत्तर प्रदेश के नोएडा में निजी कंपनी के कर्मचारियों ने सैलरी बढ़ाने को लेकर जमक उत्पात मचाया. इस दौरान कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया और जमकर तोड़फोड़ की. हालांकि योगी सरकार ने तुरंत ही निजी कंपनी के कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी बढ़ाने का आदेश दिया. इसके साथ ही इस पूरे मामले की उच्च स्तर पर जांच करने के निर्देश दिए. जांच में चौकाने वाले खुलासे हुए हैं. श्रमिक आंदोलन की आड़ में हुई इस हिंसा, आगजनी और सरकारी संपत्ति को क्षतिग्रस्त करने की साजिश का मास्टरमाइंड कोई मजदूर नहीं, बल्कि एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर निकला. फिलहाल, यूपी एसटीएफ ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है.
जानकारी के मुताबिक, नोएडा हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता आदित्य आनंद उर्फ रस्टी को एनआईए ने तमिलनाडु के त्रिच्चुरापल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है. गिरफ्तारी 18 अप्रैल की देर रात करीब 1:40 बजे हुई. आदित्य को पकड़ने के लिए नोएडा पुलिस की 6 टीमें लगी थीं.
बिहार का रहने वाला है साजिशकर्ता
पुलिस के मुताबिक, मुख्य साजिशकर्ता आदित्य आनंद बिहार के हाजीपुर का रहने वाला है, जो लगभग 28 साल का है. NIT जमशेदपुर से बीटेक की डिग्री हासिल की है और पढ़ाई में हमेशा तेज रहा है. इंजीनियरिंग करने के बाद उसने Genpact कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी भी की है. वह गिरफ्तारी से बचने के लिए जगह बदलता रहा, लेकिन इसके बावजूद वह यूपी एसटीएफ की नजरों से नहीं पाया और गिरफ्तारी हो गई.
इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला
आदित्य आनन्द उर्फ रस्टी के खिलाफ थाना फेस-2 नोएडा में धारा 191(1),191(2),115(2),121 (1), 121 (2), 125(1),351 (3), 352,61 (2) बीएनएस व 7 कि०लॉ०ए० एक्ट में मामला दर्ज किया गया है. एसआईटी अब मास्टरमाइंड से पूछताछ करने में जुटी है, कि इस हिंसा में कौन-कौन शामिल रहे. आदित्य आनंद की गिरफ्तारी के लिए 16 अप्रैल को कोर्ट ने वारंट जारी किया था.



















