दुर्ग : पुलिस ने ऑनलाइन बेटिंग के अवैध कारोबार पर एक और बड़ा प्रहार किया है। पदमनाभपुर थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया गया है, जो फर्जी बैंक खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन कर रहा था। इस मामले में तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
कई राज्यों तक फैला था नेटवर्क
दुर्ग सीएसपी हर्षित मेहर के अनुसार यह गिरोह सिर्फ एक जिले तक सीमित नहीं था, बल्कि उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में सक्रिय रूप से काम कर रहा था। आरोपी आम लोगों को लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे, जिन्हें म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल किया जाता था।
मुंबई से संचालित होता था सट्टा नेटवर्क
इन खातों से जुड़ी एटीएम, सिम और चेकबुक की पूरी किट मुंबई भेजी जाती थी। वहां से इन खातों के जरिए सट्टेबाजी के पैसों का बड़ा नेटवर्क संचालित किया जाता था और करोड़ों की रकम को घुमाया जाता था।
जांच में 50 करोड़ के लेनदेन का खुलासा
पुलिस जांच में अब तक लगभग 50 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन का पता चल चुका है। हालिया छापेमारी में 22 एटीएम कार्ड और एक नकली पिस्टल बरामद की गई है। वहीं इस पूरे मामले में अब तक 147 एटीएम कार्ड और 200 से अधिक बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए जा चुके हैं।
19 तक पहुंचा गिरफ्तारी का आंकड़ा
इस हाई प्रोफाइल मामले में अब तक कुल 19 आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। पुलिस को शक है कि इस नेटवर्क के तार मुंबई के बड़े सट्टा सिंडिकेट से जुड़े हुए हैं, जिसकी तलाश में टीम लगातार जुटी हुई है।
आगे और खुलासे की संभावना
जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में और बड़े नाम सामने आ सकते हैं, जिससे इस अवैध कारोबार की पूरी परतें खुलेंगी।
सख्त संदेश
दुर्ग पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी और आर्थिक अपराधों में शामिल गिरोहों के खिलाफ अब सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।



















