Amit Jogi Biography: अमेरिका से राजनीति तक और अब उम्रकैद, जानिए पूरा सफर

छत्तीसगढ़ : की राजनीति में लंबे समय से चर्चा में रहे Amit Jogi एक बार फिर सुर्खियों में हैं। बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के फैसले के बाद उनका जीवन और राजनीतिक सफर चर्चा का केंद्र बन गया है। आइए उनके जीवन के अहम पड़ाव को विस्तार से समझते हैं।

अमेरिका में जन्म और शिक्षा की पृष्ठभूमि

Amit Jogi का जन्म 7 अगस्त 1977 को Dallas में हुआ था। शुरुआती दौर में उनकी नागरिकता को लेकर विवाद भी सामने आए। बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्ष 2002 में तत्कालीन गृहमंत्री Lal Krishna Advani के कार्यकाल में उन्हें भारतीय नागरिकता प्राप्त हुई।

शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने St. Stephen’s College से स्नातक किया। इसके बाद Jawaharlal Nehru University से परास्नातक की डिग्री हासिल की। साथ ही Pandit Ravishankar Shukla University से कानून की पढ़ाई पूरी की।

मरवाही से एंट्री और राजनीतिक पहचान

राजनीति में कदम रखते ही Amit Jogi ने छत्तीसगढ़ की मरवाही सीट से चुनाव लड़कर बड़ी जीत दर्ज की। वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा उम्मीदवार को भारी अंतर से हराया, जिससे उनकी राजनीतिक पहचान मजबूत हुई।

हालांकि, उनका कांग्रेस के साथ सफर ज्यादा लंबा नहीं चला। पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में 2017 में उन्हें कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने अपने पिता Ajit Jogi के साथ मिलकर Janta Congress Chhattisgarh के गठन में अहम भूमिका निभाई।

जग्गी हत्याकांड बना सबसे बड़ा विवाद

Amit Jogi का नाम कई विवादों से जुड़ा रहा, लेकिन सबसे चर्चित मामला रामावतार जग्गी हत्याकांड रहा। 4 जून 2003 को रायपुर में एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

इस मामले में जांच एजेंसी Central Bureau of Investigation ने अमित जोगी समेत कई लोगों को आरोपी बनाया। वर्ष 2007 में ट्रायल कोर्ट ने उन्हें सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था।

हाईकोर्ट का फैसला और सजा

लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की खंडपीठ, जिसमें Ramesh Sinha और Arvind Kumar Verma शामिल थे, ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलट दिया।

अदालत ने Amit Jogi को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 120 बी के तहत दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 1000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।

फैसले के बाद बढ़ी सियासी हलचल

इस निर्णय के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। एक समय उभरते हुए युवा नेता माने जाने वाले Amit Jogi का यह सफर अब कानूनी मोड़ पर आकर ठहरता नजर आ रहा है, जिसने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।

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