BJP Candidate Laxmi Verma: राज्यसभा के लिए भारतीय जनता पार्टी ने 9 प्रत्याशियों की लिस्ट जारी कर दी है. छत्तीसगढ़ से राज्यसभा के लिए भी भाजपा ने प्रत्याशी का ऐलान कर दिया है. बीजेपी ने इस बार महिला प्रत्याशी को मौका दिया है. पार्टी ने लक्ष्मी वर्मा को उम्मीदवार बनाया है. लक्ष्मी वर्मा को 7 नामों के पैनल में से चुना गया है. अब सवाल उठ रहा है कि पार्टी ने आखिर लक्ष्मी वर्मा को क्यों मौका दिया है?
पार्टी में कई पदों पर निभा चुकी हैं जिम्मेदारी
लक्ष्मी वर्मा को संगठन में काफी अनुभव रहा है. लक्ष्मी वर्मा जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं. पिछली बार उनकी बलौदाबाजार से टिकट की दावेदारी थी. लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला. बीजेपी में प्रदेश प्रवक्ता रही हैं. महिला मोर्चा के भी कई पदों पर रह चुके हैं.
BJP ने जातिगत समीकरण साधने की कोशिश की
लक्ष्मी वर्मा को राज्यसभा प्रत्याशी बनाने के पीछे जातिगत समीकरण एक बड़ा कारण है. पिछली बार बीजेपी ने जिसे राजगढ़ से राज्यसभा भेजा था, वो आदिवासी वर्ग से थे. इसलिए इस बार ये कहा जा रहा था कि ओबीसी वर्ग या एससी वर्ग से किसी का नाम आ सकता है. लक्ष्मी वर्मा ओबीसी वर्ग से कुर्मा समाज से आती हैं. उन्हें पार्टी जो भी काम देती है, उसे वे बखूबी निभाती हैं. विधानसभा चुनाव के पहले उन्होंने पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता के रूप में भी काफी बेहतर काम किया था. वे जिस समाज से आती हैं, उसी समाज से छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी आते हैं. इसलिए पावर बैलेंस करने के लिए, महिला चेहरा, जातिगत समीकरण को देखते हुए बीजेपी को लक्ष्मी वर्मा सबसे मुफीद उम्मीदवार लगीं.
संघ की करीबी रहीं हैं लक्ष्मी वर्मा
जानकार बताते हैं कि लक्ष्मी वर्मा को पार्टी ने जब भी जो पद दिया, उस पद को उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया. आरएसएस में वे काफी दिनों से सक्रिय हैं. संघ की वे काफी करीबी भी रही हैं. बीजेपी ने इससे पहले एक मात्र महिला नेता सरोज पांडेय को राज्यसभा भेजा था. सरोज पांडेय का कुछ दिनों पहले ही कार्यकाल पूरा हुआ है. अब बीजेपी छत्तीसगढ़ से राज्यसभा के लिए जाने वाली ये दूसरी महिला होंगी.



















