CG News: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में 16 फरवरी को कुछ ग्रामीणों के साथ मारपीट की गई थी. इस मारपीट के कारण एक बुजुर्ग की मौत हो गई. आरोप है कि SDM द्वारा ग्रामीणों से मारपीट की गई थी. अब इस मामले को लेकर छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग को पत्र लिखा है. इस पत्र के जरिए उन्होंने आरोपी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
जांच के लिए चरणदास महंत ने लिखा पत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने बलरामपुर जिले के हंसपुर गांव में एक बुजुर्ग आदिवासी की मृत्यु के मामले में हस्तक्षेप किया है. उन्होंने इस पूरे मामले में उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग को पत्र लिखा है. उन्होंने इस घटना को मानवता पर कलंक बताते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
डॉ. चरणदास महंत ने अपने पत्र में लिखा है कि हंसपुर गांव में SDM स्तर के अधिकारी द्वारा की गई प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान कथित रूप से अत्यधिक बल प्रयोग किया गया, जिसके परिणामस्वरूप एक निर्दोष बुजुर्ग आदिवासी की मौत हो गई. उन्होंने कहा कि यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और गंभीर है, जिससे पूरे क्षेत्र में आक्रोश की लहर है.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कानून व्यवस्था के नाम पर हुई इस घटना ने प्रशासनिक जवाबदेही और आदिवासी समुदाय के मौलिक अधिकारों पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं.
क्या है पूरा मामला?
पूरा मामला 16 फरवरी 2026 का है. बलरामपुर जिले के कुसमी थाना क्षेत्र में SDM करुण कुमार डहरिया और उनकी टीम अवैध उत्खनन रोकने के लिए पहुंची थे. आरोप है कि इस दौरान SDM करुण और उनकी टीम ने बिना कोई पूछताछ किए सीधे ग्रामीणों मारपीट शुरू कर दी. SDM करुण डहरिया पर 3 ग्रामीणों के साथ मारपीट के आरोप हैं. इनमें से एक ग्रामीण की मौत हो गई. इस पूरे मामले में SDM करुण डहरिया को निलंबित भी कर दिया गया है.



















