रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे भारत के सुनहरे और विकसित भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक दस्तावेज बताया है। उन्होंने कहा कि कर्तव्य भवन में प्रस्तुत यह पहला बजट है, जिसमें देश के समग्र विकास और हर नागरिक के कल्याण को ध्यान में रखते हुए आर्थिक विकास व रोजगार, जनता की अपेक्षाओं की पूर्ति और सबका साथ, सबका विकास जैसे तीन प्रमुख कर्तव्यों को केंद्र में रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह बजट गरीब, किसान, युवा, महिला, मध्यम वर्ग और श्रमिकों के उत्थान के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस बजट से छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए बजट में एआई और आधुनिक तकनीक के उपयोग से कृषि उत्पादकता बढ़ाने, पशुपालन व डेयरी उद्योग को प्रोत्साहन देने जैसे प्रावधान किए गए हैं। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल के माध्यम से स्थानीय उद्योग और हस्तशिल्प को बढ़ावा देकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन पर भी जोर दिया गया है।
युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप, एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग और पर्यटन क्षेत्रों में निवेश से रोजगार के व्यापक अवसर पैदा होंगे। पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर मुख्यमंत्री ने बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि बायोफार्मा सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे गंभीर बीमारियों की दवाइयां सस्ती होंगी। इसके साथ ही जिला अस्पतालों के उन्नयन, ट्रॉमा सेंटर, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और आयुर्वेदिक चिकित्सा को बढ़ावा मिलेगा।
महिला सशक्तिकरण के तहत लखपति दीदी योजना के विस्तार और प्रत्येक जिले में बालिका छात्रावास निर्माण की घोषणा को मुख्यमंत्री ने सराहनीय बताया। अंत में उन्होंने कहा कि यह बजट समावेशी विकास को सुनिश्चित करते हुए छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश को विकसित भारत की ओर तेजी से अग्रसर करेगा।



















