रायपुर। PCC चीफ दीपक बैज आज जेल में बंद पूर्व मंत्री कवासी लखमा से मिलने पहुंचे। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में बैज ने बताया कि उनके बीच लंबी और सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि फरवरी महीने में लखमा को जमानत मिल जाएगी।
राजनीतिक आरोप और कार्यकर्ता एकजुटता
बैज ने इस अवसर पर भाजपा सरकार पर भी कड़ा हमला किया और आरोप लगाया कि लखमा के खिलाफ कार्रवाई पूरी तरह राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने कहा, “प्रदेश में आदिवासी नेताओं को टारगेट किया जा रहा है और बदले की भावना से उन्हें जेल भेजा गया। लेकिन कांग्रेस के कार्यकर्ता इस मुद्दे पर एकजुट हैं और लगातार चर्चा करेंगे।”
कवासी लखमा के मुद्दे और विधानसभा सत्र
PCC चीफ ने जोर देकर कहा कि कवासी लखमा एक जनप्रतिनिधि हैं और वे विधानसभा के आगामी बजट सत्र में शामिल होना चाहते हैं। पिछले एक साल से लखमा सत्र में भाग नहीं ले पाए हैं। बैज ने बताया कि लखमा के पास बस्तर और आदिवासियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं जिन्हें वे सदन में उठाना चाहते हैं। उन्होंने मांग की कि उन्हें सत्र में भाग लेने की अनुमति दी जाए।
न्यायालयीन प्रक्रिया में भरोसा
बैज ने यह भी कहा कि कांग्रेस नेतृत्व न्यायालयीन प्रक्रिया पर पूरा भरोसा रखता है। लखमा के बाहर आते ही बस्तर और प्रदेश के विकास और मजबूत करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।



















