पटन: बिहार में भावी विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं को साधने के लिए बड़ा दांव खेला है। उन्होंने बुधवार को राज्य के हर परिवार की एक महिला को रोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक मदद देने की घोषणा की। ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के जरिए न सिर्फ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है, बल्कि इसे ग्रामीण से लेकर शहरी वोटरों तक सीधा संदेश देने वाली पहल भी माना जा रहा है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को राज्य की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक नई योजना की घोषणा की। उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में “मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना” को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत हर परिवार की एक महिला को उसकी पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी।
योजना की मुख्य बातें
प्रत्येक परिवार की एक महिला को ₹10,000 की पहली किस्त सीधे बैंक खाते में दी जाएगी। आवेदन प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी, जिसे ग्रामीण विकास विभाग देखेगा और आवश्यकतानुसार नगर विकास एवं आवास विभाग सहयोग करेगा। सितंबर 2025 से राशि का हस्तांतरण शुरू हो जाएगा। रोजगार शुरू करने के छह माह बाद आकलन कर महिलाओं को ₹2 लाख तक की अतिरिक्त सहायता भी मिल सकेगी। गांव और शहर स्तर पर महिलाओं के उत्पादों की बिक्री के लिए हाट-बाजार विकसित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बयान “नवंबर 2005 में सरकार बनने के बाद से ही महिला सशक्तीकरण हमारी प्राथमिकता रही है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई कदम उठाए गए। अब महिलाएँ अपनी मेहनत से न केवल बिहार की प्रगति में योगदान दे रही हैं, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति भी सुधार रही हैं। इसी मिशन को आगे बढ़ाते हुए हमने महिलाओं के लिए यह अभूतपूर्व निर्णय लिया है, जिसके सकारात्मक और दूरगामी परिणाम होंगे।”
उन्होंने आगे कहा कि इस योजना से न केवल महिलाओं की स्थिति मजबूत होगी, बल्कि राज्य के भीतर ही बेहतर रोजगार अवसर पैदा होंगे और लोगों को रोजगार के लिए बाहर जाने की मजबूरी भी कम होगी।
महिलाओं से जुड़ी बिहार सरकार की अन्य प्रमुख पहलें
पंचायती राज और नगर निकाय चुनावों में 50% आरक्षण
साइकिल योजना व पोशाक योजना – छात्राओं के लिए
मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना – जन्म से स्नातक तक आर्थिक सहयोग
कन्या विवाह योजना – गरीब परिवार की बेटियों की शादी में सहायता
जीविका परियोजना – स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लाखों महिलाओं को रोजगार