सरगुजा यूरिया संकट: छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में इन दिनों यूरिया की भारी किल्लत ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सहकारी समितियों में खाद का कोई स्टॉक नहीं है और निजी दुकानदार व बिचौलिए जमकर ब्लैक मार्केटिंग कर रहे हैं। हालत यह है कि किसानों को जहां 266 रुपये प्रति बोरी की दर पर यूरिया मिलना चाहिए, वहीं अब वही खाद 800 से 1000 रुपये में और कुछ जगहों पर 1500 रुपये तक बेची जा रही है।
सोमवार को अंबिकापुर के खरसिया रोड स्थित शंकर ट्रेडर्स के गोदाम में प्रशासनिक टीम ने छापा मारा। शिकायत थी कि यहां दो ट्रक यूरिया आया लेकिन किसानों को एक भी बोरी नहीं दी गई। बताया गया कि पूरी खेप पिकअप वाहनों से बाहर भेज दी गई थी। जब टीम मौके पर पहुंची, तब तक गोदाम खाली हो चुका था और बाहर “यूरिया नहीं है” का बोर्ड चिपका दिया गया था। छापे के दौरान केवल 37 बोरी यूरिया बरामद हुई जिसे प्रशासन ने जब्त कर लिया।
किसानों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल खानापूर्ति रही। नान दमाली के किसान कमलेश्वर खलखो और गेंदाराम टोप्पो ने बताया कि बिचौलिए किसानों को महंगे दामों पर मजबूर कर रहे हैं। गरीब किसान इतनी ऊंची कीमत चुकाने में असमर्थ हैं, जिससे उनकी फसल बर्बाद होने की कगार पर है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अब कंपनियां रेलवे रेक के जरिए समितियों को सप्लाई नहीं कर रहीं और सीधे निजी दुकानदारों को ट्रकों से यूरिया भेज रही हैं। इससे सरकारी आपूर्ति ठप हो गई है और किसान पूरी तरह निजी व्यापारियों पर निर्भर हो गए हैं।
धान की फसल इस समय बाढ़ अवस्था में है और यूरिया का छिड़काव बेहद जरूरी है। यदि जल्द ही पर्याप्त आपूर्ति नहीं हुई तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।