पटना: रविवार को जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सभी कार्यक्रम अचानक रद्द हुए, तो राजधानी में कई तरह की अटकलें शुरू हो गईं। कुछ लोगों ने उनके अस्वस्थ होने की बात कही, तो कुछ ने इसे राजनीतिक दांवपेच बताया। लेकिन, सोमवार सुबह से ही नीतीश ने उन सभी अफवाहों पर विराम लगा दिया। एक दिन के ब्रेक के बाद मुख्यमंत्री ने धमाकेदार वापसी की और पटना को एक-दो नहीं, बल्कि ₹1000 करोड़ से ज्यादा की योजनाओं का तोहफा देकर सबको चौंका दिया।
ताबड़तोड़ एक्शन, ताबड़तोड़ काम
सुबह सबसे पहले नीतीश कुमार बीपी मंडल की जयंती समारोह में पहुंचे। देश रत्न मार्ग स्थित प्रतिमा पर उन्होंने और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। यह उनका पहला सार्वजनिक कार्यक्रम था, जिससे साफ हो गया कि मुख्यमंत्री पूरी तरह फिट हैं।

इसके बाद, मुख्यमंत्री ने एक के बाद एक कई बड़े प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास किया। सबसे पहले ₹196.80 करोड़ की लागत से बनने वाले भूमिगत नाले और चार लेन सड़क निर्माण की शुरुआत हुई। यह प्रोजेक्ट पटेल गोलंबर से इको पार्क और अटल पथ तक को जोड़ेगा। इस योजना से पटना में ट्रैफिक जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
बिजली के तारों को करेंगे ‘अंडरग्राउंड’
पटना के लिए सबसे बड़ी खबर डाक बंगला चौराहे पर हुई, जहां मुख्यमंत्री ने ₹328.52 करोड़ की मेगा परियोजना का शुभारंभ किया। इस प्रोजेक्ट के तहत पटना के शहरी क्षेत्रों में बिजली के तारों को चरणबद्ध तरीके से भूमिगत किया जाएगा। यह न सिर्फ शहर को एक नया, आधुनिक लुक देगा, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है।
जेपी गंगा पथ का ‘मेकओवर’
इसके बाद, नीतीश कुमार ने जेपी गंगा पथ को और भव्य बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया। दीघा से गांधी मैदान तक ₹387.40 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास किया गया। ये प्रोजेक्ट्स पटना के लोगों के लिए सैर-सपाटे और आवागमन को और सुगम बनाएंगे।
मुख्यमंत्री ने पटना साइंस कॉलेज के न्यूटन हॉस्टल के पास भी कई योजनाओं की शुरुआत की। कुल मिलाकर, सोमवार का दिन पटना के विकास के नाम रहा, और नीतीश ने अपने आलोचकों और अफवाह फैलाने वालों को अपने काम से जवाब दिया।