रायपुर। सिंधु संस्कार सेवा समिति महिला विंग द्वारा शीतला सप्तमी के पावन अवसर पर ‘थदड़ी महोत्सव’ का भव्य आयोजन किया गया। यह त्योहार समाज की उन बहनों के साथ मनाया गया जो हमारे घरों को सुव्यवस्थित रखने में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
सिंधी समाज में थदड़ी के दिन घरों में चूल्हा नहीं जलाया जाता तथा एक दिन पूर्व मीठी कोकी, नमकीन कोकी, दही बड़े, मूंग के पराठे, पूरी-सब्जी सहित विविध पारंपरिक व्यंजनों को तैयार कर अगले दिन ठंडा भोजन ग्रहण किया जाता है। भगवान शीतला माता की पूजा-अर्चना कर यह परंपरा निभाई जाती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डिंपल शर्मा ने की और महासचिव भावना चांदनी ने बताया कि इस दिन को यादगार बनाने के लिए सहयोगी बहनों को टीका लगाकर एवं पटका पहनाकर उनका सम्मान किया गया। स्वागत में उन्हें कुल्फी खिलाई गई तथा मनोरंजक ग्रुप गेम्स और तंबोला का आयोजन किया गया। सिंधी पारंपरिक गीतों पर सभी बहनों ने नृत्य कर उत्सव का आनंद उठाया।

कार्यक्रम में प्रत्येक बहन को मंच पर बुलाकर छाता एवं फल भेंट किए गए। साथ ही एक कन्या को ‘गड़जाड़ी समान’ उपहार स्वरूप प्रदान किया गया। समाज सेवा के उत्कृष्ट कार्यों के लिए देवेंद्र नगर पंचायत, एसएसडी धाम, सारथी ग्रुप, एक पहल सहित पाँच संस्थाओं को सम्मानित किया गया।
सिंधु संस्कार सेवा समिति की सक्रिय सदस्य सुमन साहनी, रश्मि गोवानी, जया नेभानी, पायल तलरेजा, सुमन बजाज, भावना बिरजू, रेजा अनीता कुकरेजा, ज्योति हुंदानी, सुलोचना नारायणी, भारतीय अम्लानी, प्रिया अम्लानी, हेमा सुंदरानी, रोमा वाधवानी, हर्षा बलवानी आदि को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में ममता शादीजा, दीपा जसूजा, रेखा शादीजा, यशोदा कुकरेजा, भावना शर्मा, आशा धीरानी, रीमा बड़वानी, भावना सेजवानी सहित समिति की समस्त महिला मंडल का सहयोग सराहनीय रहा। मंच संचालन हर्षा बलवानी ने प्रभावशाली रूप से किया।