रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने गांव, गरीब और किसानों को प्राथमिकता दी है। बीते खरीफ विपणन वर्ष में किसानों से समर्थन मूल्य पर 144.92 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी कर रिकॉर्ड बनाया गया। किसानों को प्रति क्विंटल 3100 रुपये की दर से धान बेचने का लाभ मिला। साथ ही 3716.38 करोड़ रुपये का बोनस अंतरित कर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत की गई।
आधुनिक तकनीक से खेती में बदलाव
प्रदेश के कई किसान अब खेती में आधुनिक तकनीक अपना रहे हैं। नवागढ़ ब्लॉक के ग्राम मुरता निवासी किसान संतोष साहू ने पैडी ट्रांसप्लांटर तकनीक से खेती को लाभकारी बनाया। पहले परंपरागत रोपाई में प्रति एकड़ 7,000–8,000 रुपये का खर्च आता था, लेकिन इस मशीन से यह लागत घटकर 400–500 रुपये रह गई।
कम लागत, ज्यादा उत्पादन
इस तकनीक से धान की रोपाई में पौधों की समान दूरी और बेहतर गुणवत्ता मिलती है, जिससे रोग और कीटों का प्रकोप घटता है और उत्पादन बढ़ता है। संतोष साहू ने बताया कि उन्हें पहले से अधिक उपज मिल रही है।
अन्य किसानों को भी कर रहे सहयोग
सिर्फ अपने खेत तक सीमित न रहते हुए संतोष साहू आसपास के किसानों की फसलों में भी यह तकनीक अपनाने में मदद कर रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्र में कृषि यांत्रिकीकरण को बढ़ावा मिल रहा है।
फसल प्रदर्शन योजना का लाभ
सरकार की फसल प्रदर्शन योजना से भी किसान वैज्ञानिक तरीकों और उन्नत बीजों का उपयोग कर अधिक उपज प्राप्त कर रहे हैं। संतोष साहू जैसे किसान यह साबित कर रहे हैं कि तकनीक अपनाने से खेती एक सफल और लाभकारी व्यवसाय बन सकती है।
पर्यटन से भी बढ़ रहा स्थानीय रोजगार
कृषि के साथ-साथ धमतरी जिले में पर्यटन विकास पर भी जोर दिया जा रहा है। नरहरा जलप्रपात में 5 लाख रुपये की लागत से मचान हॉट, रोप-वे और एडवेंचर टूरिज्म की शुरुआत की गई है। स्थानीय युवाओं को टूरिस्ट गाइड के रूप में प्रशिक्षित कर स्वरोजगार के अवसर भी दिए जा रहे हैं।
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लेख दो सेक्टरों (कृषि + पर्यटन) पर केंद्रित है जिससे संतुलित कवरेज मिला है।