3 मई 2025 का पंचांग धार्मिक दृष्टिकोण से बेहद खास है। शनिवार के दिन वैशाख मास की शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि पड़ रही है, जो गंगा सप्तमी और त्रिपुष्कर योग जैसे शुभ संयोगों से युक्त है। इन योगों में किए गए कार्य तीन गुना फल प्रदान करते हैं, इसलिए आज नया वाहन खरीदने, ज़मीन-जायदाद के सौदे करने या सोने-चांदी के गहनों की खरीदारी के लिए यह दिन बेहद शुभ माना गया है।
आज चंद्रमा मिथुन राशि में और पुनर्वसु नक्षत्र में रहेगा। यह नक्षत्र यात्रा, पूजा, बागवानी और मित्रों से मुलाकात के लिए अच्छा माना जाता है। पुनर्वसु की अधिष्ठात्री देवी “अदिति” हैं और इसके स्वामी ग्रह “बृहस्पति”, जो विस्तार और सकारात्मक ऊर्जा के प्रतीक हैं।
सूर्योदय 06:05 AM और सूर्यास्त 07:07 PM पर होगा। चंद्रमा सुबह 10:34 पर उदित होगा जबकि चंद्रास्त देर रात 12:58 बजे (4 मई) होगा।
हालांकि, दिन का राहुकाल सुबह 09:21 से 10:58 बजे तक है। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। यमगंड काल दोपहर 02:14 से 03:52 तक रहेगा, जो अशुभ माना जाता है।
संक्षेप में कहें तो 3 मई 2025 का पंचांग शुभ संयोगों से भरा है। पूजा, निवेश, यात्रा या नई शुरुआत के लिए यह एक आदर्श दिन है। बस अशुभ समयों से बचकर ही कार्य करें और त्रिपुष्कर योग का पूरा लाभ उठाएं।