भिलाई। पहलगाम आतंकी हमले के बाद मोदी सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। इसके साथ ही भारत में अल्पकालिक वीजा पर आए पाकिस्तानी नागरिकों को 27 अप्रैल तक देश छोड़ने का आदेश दिया गया है। इस फैसले के बाद देशभर में पाकिस्तानी नागरिकों की तलाश तेज हो गई है।
अगर बात करें छत्तीसगढ़ की, तो यहां करीब 2000 से अधिक पाकिस्तानी नागरिक रह रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अकेले रायपुर में 1876 पाकिस्तानी नागरिक बसे हुए हैं, जो मुख्यतः सिंध प्रांत से आए हैं और स्थानीय स्तर पर कारोबार भी कर रहे हैं। अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि केंद्र सरकार के आदेश के बाद इन नागरिकों का क्या होगा।
दुर्ग जिले में भी पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। सुबह से ही अलग-अलग इलाकों में दबिश देकर संदिग्ध पाकिस्तानियों की पहचान की जा रही है। भिलाई के बॉम्बे आवास से 10, हथखोज से 8 और सुपेला के कर्बला मैदान से 6 संदिग्धों की पहचान की गई है। फिलहाल पुलिस दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है।
गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार, 27 अप्रैल के बाद पाकिस्तानी नागरिकों के सभी अल्पकालिक वीजा रद्द माने जाएंगे। केवल चिकित्सा वीजा 29 अप्रैल तक वैध रहेंगे।
छत्तीसगढ़ में पाकिस्तानी नागरिकों की तलाश और दस्तावेज जांच की प्रक्रिया लगातार जारी है।